योजना के अभाव में
सौर ऊर्जा उत्पन्न करने का ढांचा लगाते वक्त उत्पन्न बिजली के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन सौर पैनलों से तभी बिजली मिलती है, जब सूरज चमकता रहता है। उसके बाद ग्रिड ट्रिप करने लगते हैं। साफ योजना ना हो, तो कैसे उपलब्ध चीजों का भी इस्तेमाल नहीं हो पाता, इसकी मिसाल भारत का बिजली क्षेत्र है। देश को एक अजीब समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसे गैर- सौर घंटा (नॉन सोलर ऑवर) संकट कहा गया है। शाम होते ही, जब सौर पैनल बिजली मुहैया कराना बंद कर देते हैं, तो पॉवर ग्रिड ट्रिप करने लगते...