हकीकत पर कैसी हैरत!
भारत की 140 करोड़ की आबादी में तकरीबन एक अरब लोग ऐसे हैं, जिनके पास मनपसंद वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने लायक पैसा नहीं है। इस रूप में भारत का उपभोक्ता वर्ग 13-14 करोड़ लोगों से ज्यादा बड़ा नहीं है। ब्लूम वेंचर्स की इंडस वैली रिपोर्ट में कोई ऐसी नई जानकारी नहीं है, जिससे कोई चकित हो। बल्कि ये बातें भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वे और भारत सरकार के उपभोग सर्वेक्षणों से जाहिर होती रही हैं। इसके बावजूद ताजा रिपोर्ट अधिक चर्चित हुई और उस पर बड़ी संख्या में आर्थिक जगत से जुड़े लोग...