भोजपुरी की आवाज आखिर तक अनसुनी रहेगी?
भोजपुरी केवल एक बोली नहीं, बल्कि गंगा-सरयू-गंडक के दोआब से लेकर समुद्र पार मॉरीशस, सूरीनाम, फ़िज़ी, त्रिनिदाद तक फैली एक विश्वव्यापी सांस्कृतिक भाषा है। इसे बोलने वालों की संख्या लगभग 20 करोड़ है। यही वह भाषा है जो प्रवासी भारतीयों के बीच पहचान, स्मृति और स्वाभिमान की मुख्य कड़ी बनी हुई है। 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विशेष हर साल 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। यह भाषायी विविधता, मातृभाषा के सम्मान और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण की वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस दिन हमें न केवल अपनी मातृभाषा की गरिमा को स्मरण करना...