जांच की परमिशन पर जजों का फैसला बंटा
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी कर्मचारियों की जांच के लिए पहले अनुमति लेने की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच ने बंटा हुआ फैसला सुनाया है। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा है कि सरकारी कर्मचारी के खिलाफ किसी भी जांच के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान करने वाले भ्रष्टाचार निरोधक कानून यानी पीसी एक्ट की धारा 17ए असंवैधानिक है। हालांकि जस्टिस केवी विश्वनाथन ने इससे असहमति जताई। उन्होंने कहा कि जांच की मंजूरी लेने की अनिवार्यता होनी चाहिए। जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस विश्वनाथन की बेंच ने...