judicial reputation

  • न्यायिक प्रतिष्ठा की चिंता

    क्या अब ये बात भरोसे के साथ कही जा सकती है कि न्यायपालिका ने अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा कर ली है? आखिर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की धारणा इस हद तक क्यों पहुंच गई कि पाठ्य-पुस्तक में उसका जिक्र होने लगा? एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका के सामने मौजूद चुनौतियों के जिक्र से बार एसोसिएशन के साथ-साथ प्रधान न्यायाधीश भी आहत हुए। पुस्तक में जिन चुनौतियों का उल्लेख है, उनमें विचाराधीन मुकदमों की विशाल संख्या, न्यायाधीशों की कमी, और न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। न्यायपालिका में इससे इतनी नाराजगी फैली कि प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत...