इनसे छीनो, उनको दो!
हाल के वर्षों में बिजली की किल्लत घटी है और अच्छी सड़कें बनी हैं। मगर बिजली सस्ती नहीं हुई है और टोल-टैक्स से सड़क परिवहन महंगा बना हुआ है। ये सभी लागतें आखिरकार उत्पाद की कीमत में ही शामिल होती हैं। महाराष्ट्र सरकार ने व्यापारिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली पर अतिरिक्त कर को दोगुना कर दिया है। इस तरह ऐसे उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट बिजली के उपभोग पर 9 रुपये 90 पैसे की अधिक रकम चुकानी होगी। जाहिर है, ये बड़ी वृद्धि है। इस बढ़ोतरी के जरिए राज्य सरकार सालाना 834 करोड़ रुपये जुटाएगी। देवेंद्र फड़णवीस सरकार...
