खुला नया मोर्चा
देश के विभिन्न हिस्सों से “बांग्लादेशियों” को निकालने का अभियान छेड़ रखा गया है। संभव है कि इसका निशाना बहुत से भारतीय बांग्लाभाषी भी बन रहे हों। अब इस मसले को ममता बनर्जी ने बांग्ला अस्मिता का प्रश्न बना दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना बहुचर्चित ‘भाषा आंदोलन’ शुरू कर दिया है। उन्होंने शुरुआत बोलपुर से की, जो गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की कर्मभूमि रही है। शुरुआत के लिए उन्होंने 28 जुलाई का दिन चुना, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने मातृभाषा दिवस घोषित कर रखा है। इस आंदोलन का कारण देश के अलग- अलग राज्यों में बांग्लाभाषी...