बदनीयती से हटता परदा
हालिया न्यायिक निर्णयों ने इस धारणा की पुष्टि की है कि सरकारी एजेंसियों का राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल हुआ। जिन साक्ष्यों के आधार पर अभियोग दर्ज हुए, उनका सख्त न्यायिक परीक्षण हुआ, तो अधिकांश मामलों में वे टिक नहीं पाए। कथित शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और 23 अन्य अभियुक्तों के खिलाफ मामला खारिज करते हुए जज ने जो टिप्पणियां कीं, उन पर गौर करने के बाद शायद ही किसी के मन शक बचे कि ये पूरा मामला बदनीयती से गढ़ा गया था। उसके एक दिन पहले पंचकूला से जुड़े नेशनल हेराल्ड मामले में...