Lok Sabha elections

  • ‘तीसरी बार-मोदी सरकार’

    Lok Sabha Elections :- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को ‘तीसरी बार-मोदी सरकार’ का नारा दोहराते हुए कहा कि देश की जनता 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भ्रष्ट, परिवारवादी नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला पिछले दो लोकसभा चुनावों की तरह ही करेगी। मौर्य ने रविवार सुबह ट्वीट किया, देश की जनता ने 2014 और 2019 में जिस तरह से सत्ता वियोग में विलाप करने वाले और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विरोध करने वाले भ्रष्ट, परिवारवादी नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला किया था, वैसा ही वह 2024 में भी करने जा रही...

  • बेंगलुरु में हो रहा ‘कट्टर भष्टाचारी सम्मेलन’

    Narendra Modi :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए बेंगलुरू में हो रही उनकी बैठक को ‘कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन’ करार दिया और दावा किया कि देश के लोग 2024 के लोकसभा चुनाव में फिर एक बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को वापस लाने का मन बना चुके हैं। यहां के वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नये एकीकृत टर्मिनल का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि एकजुट हो रहे विपक्षी दलों के लिए देश के गरीबों के बच्चों का विकास...

  • विपक्ष की बैठक में शामिल होने के लिए 24 राजनीतिक दलों के नेता बेंगलुरु पहुंचे

    24 Political Parties Leader :- अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ रणनीति की रूपरेखा तैयार करने के प्रयास में विपक्ष की बैठक में भाग लेने के लिए 24 राजनीतिक दलों के नेता सोमवार दोपहर बेंगलुरु पहुंचे। नेताओं में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी शामिल हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने एचएएल हवाईअड्डे पर कांग्रेस नेतृत्व का स्वागत किया।  बेंगलुरु पहुंचने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव,...

  • अखिलेश संवाद के जरिए तलाश रहे लोकसभा चुनाव जीतने का सूत्र

    Akhilesh Yadav :- आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सपा मुखिया अखिलेश लोकसभावार सभी छोटे-बड़े नेताओं को साथ बैठक कर रहे हैं। इसमें नेताओं व कार्यकर्ताओं की गुटबाजी दूर कर उनमें जोश भरने का प्रयास कर रहे हैं। वह संवाद के माध्यम से जीत के सूत्र तलाश रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में सपा इस बार कोई कोर कसर बांकी नहीं रखना चाहती है। पिछले दो लोकसभा चुनाव यानी 2014 व 2019 में उसका प्रदर्शन काफी खराब रहा था। दोनों...

  • बिहार में भाजपा का दलित-पिछड़ा समीकरण

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • लोकसभा चुनाव की इस साल रिहर्सल!

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • उप्र कैबिनेट में बड़े स्तर पर फेरबदल की सुगबुगाहट

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • उत्तराखंड में भाजपा महाजनसंपर्क अभियान से करेगी लोकसभा चुनाव का आगाज

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने को अखिलेश तैयार

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • 300 दिन बाद है लोकसभा चुनाव, कांग्रेस कमर कसे!

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • देश को बचाने के लिए चुनाव पूर्व गठबंधन जरूरी

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • एकता के सात फेरे और एक अदरक-पंजा

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • मोदी सरकार की बड़े जश्न की तैयारी

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • कांग्रेस पर समझौते का दबाव

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • भाजपा और कांग्रेस की चुनावी योजना का फर्क

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • बिहार में नेताओं के पाला बदलने का खेल शुरू

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • उप्र में कांग्रेस का ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान शुरू

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • पूर्व सांसद जयाप्रदा को मिली ज़मानत

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

  • परिसीमन पर असम कैबिनेट की दिल्ली में बैठक

    भारतीय जनता पार्टी बिहार में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने वाली नहीं है। उसने 2015 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है और राजद व जदयू गठबंधन के मुकाबले एक मजबूत गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पार्टी की ओर से कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले तो पार्टी यह छवि बदलने में लगी है कि वह ब्राह्मणों और बनियों या सवर्णों की पार्टी है। उसने राजद और जदयू के पिछड़ा समीकरण को चुनौती देने के लिए अपना भी दलित और पिछड़ा समीकरण बनाना शुरू किया है। हालांकि इस चक्कर में भाजपा...

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