2029 में जीतेंगे हम ही!
यों सवाल बेमानी है। इसलिए क्योंकि मोटामोटी घर-घर वोट चोरी का मामला पहुंच चुका है। बावजूद इसके चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के कारण राज्यों से गड़बड़ियों की जितनी तरह की, जैसी खबरें आई हैं, उससे सचमुच यह पल्ले नहीं पड़ता है कि मोदी-शाह आखिर कितने दशक और चुनाव जीतते जाने, दिल्ली के शासक बने रहने का रोडमैप बनाए हुए हैं? मैं नहीं मानता कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपना बुरा समय आया मान रहे हैं। उनमें अभी भी समय को मनमाफिक मोड़ने का अहंकार है। तभी तो भारत का प्रधानमंत्री विधान परिषदों की मामूली 28 सीटों के चुनाव...