Makar Sankranti

  • भारत को एक सूत्र में जोड़ता है मकर संक्रांति

    मकर संक्रांति पर्व भारतीय संस्कृति का महान लोकपर्व सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है जो देश के प्रत्येक कोने में अलग अलग स्वरूप में मनाया जाता है। इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करते हैं। तमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में जाना जाता हैं जबकि कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे केवल संक्रांति ही कहते हैं। मकर संक्रांति पर्व पर विशेष मकर संक्रांति भारत के प्रमुख पर्वों में से एक है। मकर संक्रांति पूरे भारत और नेपाल में भिन्न रूपों में मनाया जाता है। पौष मास में जिस दिन सूर्य मकर राशि...

  • मकर संक्रांति: देवताओं का काल उत्तरायण

    मकर संक्रांति का महत्व सूर्य के उत्तरायण होने से जुड़ा है। शीतकाल के अंत में सूर्य मकर रेखा को पार करते हुए उत्तर दिशा की ओर बढ़ता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। वास्तव में मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश करने के शुभ अवसर का पर्व है। इसे देवताओं के दिन, अर्थात देवयान की शुरुआत और शीत ऋतु के अंत का प्रतीक माना जाता है। भारत उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है और यहाँ के अधिकांश पर्व-त्योहार, व्रत और शुभ तिथियाँ चंद्रमा की गति पर आधारित भारतीय पंचांग के चांद्र मास के अनुसार तय की...

  • मकर संक्रांति के बाद नीतीश सरकार का विस्तार

    बिहार में दही चूड़ा यानी मकर संक्रांति के बाद राजनीति बदलती है। इस बार भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार की पहली दिल्ली यात्रा से कई तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। पहली तो राज्यसभा चुनाव को लेकर है। लोकसभा चुनाव के बाद दो सीटें खाली हुई थीं तो एक सीट से भाजपा ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्र को भेजा था और दूसरी सीट सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा को दे दी थी। इस बार पांच में से तीन सीटें भाजपा लेना...