Mandal politics

  • मंडल की राजनीति पर पूर्णविराम

    बिहार से नीतीश कुमार की विदाई सिर्फ एक व्यक्ति की राजनीति का अंत नहीं है। न ही एक पार्टी की राजनीति के कमजोर होने का संकेत है। यह मंडल की राजनीति पर पूर्णविराम का संकेत है। एक एक करके वैसे भी मंडल की राजनीति करने वाले नेता राजनीतिक परिदृश्य से लुप्त हैं। मुलायम सिंह यादव, शरद यादव और रामविलास पासवान का निधन हो गया है, जबकि लालू प्रसाद यादव चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराए जा चुके हैं। अब वे सक्रिय राजनीति करने में भी शारीरिक रूप से सक्षम नहीं हैं। मंडल राजनीति की आखिरी बड़े नेता नीतीश कुमार हैं, जिनका...

  • कांग्रेस के लिए मंडल राजनीति मुश्किल

    हरियाणा के चुनाव नतीजों ने एक बार फिर प्रमाणित किया है कि कांग्रेस पार्टी जातीय राजनीति में प्रवेश कर तो गई है लेकिन उसकी जटिलताओं को समझ नहीं पा रही है और अगर समझ रही है तो उससे निपटने के उपाय उसको नहीं सूझ रहे हैं। राहुल गांधी ने अप्रैल 2023 से जाति जनगणना और आबादी के अनुपात में आरक्षण बढ़ाने का मुद्दा जोर शोर से उठाया है और उसके बाद से हरियाणा चौथा राज्य था, जहां कांग्रेस तमाम आदर्श स्थितियों के बावजूद चुनाव हारी। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद हरियाणा में कांग्रेस की यह राजनीति विफल रही...