Marathi language row

  • भाषा, जाति, धर्म पर गुंडागर्दी का गौरवगान

    देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने ‘मराठी विजय रैली’ की। इस रैली पर पूरे देश की नजर थी क्योंकि इससे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बदलाव का संकेत मिल रहा था। कम से कम मुंबई की राजनीति तो निश्चित रूप से बदलती दिख रही है। इस राजनीतिक बदलाव के केंद्र में भाषा का विवाद है। यह बहुत पुराना विवाद है। कम से कम 75 साल पहले जब देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भाषा के नाम पर राज्यों के विभाजन की मांग ठुकरा दी...