समाज तोड़ने वाली बात
किसी राज्य से लिया गया ड्राइविंग लाइसेंस पूरे भारत में मान्य होता है। ऐसे में, भाषा बोलने- पढ़ने की क्षमता के आधार पर किसी राज्य में उसकी मान्यता खत्म करना विवादास्पद एवं आपत्तिजनक सोच है। संभवतः यह अवैध भी है। टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा में निपुण होने की शर्त लागू कर महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय एकता की भावना को आघात पहुंचाया है। देश के किसी हिस्से में जाकर रोजी-रोटी कमाने के नागरिकों के मूलभूत संवैधानिक अधिकार के खिलाफ तो यह कदम है ही। इसे भाषा या क्षेत्र के आधार पर नागरिकों के साथ भेदभाव करना भी...