अमेरिका में मोदी यह याद रखें

भारत रूस, चीन, फ्रांस या अफगानिस्तान से अपने रिश्ते अमेरिका के मन मुताबिक क्यों बनाए? मोदी को अपनी इस अमेरिका-यात्रा के दौरान भारतीय विदेश नीति के इस मूल मंत्र को याद रखना है।

सुपरस्टार विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों पर किया केस दर्ज, जानें क्या है मामला …

थालापथी विजय ने अपने पिता कैसे चंद्रशेखर और मां शोभा समेत 11 लोगों पर सिविल केस दर्ज किया है. अदालत में दायर किए गए मुकदमे में कहा….

Online Food : Swiggy और Zomato से खाना मंगाना हो सकता है महंगा, GST Council की ने की है ये पेशकश…

ऑनलाइन फूड डिलीवरी महंगी हो सकती है. बताया गया है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर विचार किया जा रहा है….

एनजीओ नहीं, विपक्ष से जुड़े कांग्रेस!

सोनिया गांधी अगर दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में विपक्षी पार्टियों से तालमेल की बात करने वाली कोई कमेटी बनातीं तो वह ज्यादा उपयोगी होती।

क्षत्रपों की साझेदारी से बदलेगी तस्वीर

सोनिया गांधी की बुलाई विपक्षी पार्टियों की बैठक की खास बात यह थी कि उसमें चार गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री शामिल हुए।

दिल की दूरी घटाने का क्या हुआ?

जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात इस साल की सबसे बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक थी। उसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि केंद्र सरकार कश्मीर से दिल और दिल्ली की दूरी घटाने के लिए काम करेगी।

असम, मिजोरम का मसला सुलझाएंगे गृह सचिव

असम और मिजोरम के बीच जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प के बाद अब विवाद सुलझाने का प्रयास तेज हो गया है। केंद्रीय गृह सचिव इस मामले को सुलझाएंगे।

दिल्ली में सजा ममता का दरबार, पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान हुई ये बात…

बंगाल की जनसंख्या के अनुपात में प्रधानमंत्री से टीके देने की गुजारिश की. उन्होंने बताया कि इस बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जवाब दिया है कि जरूर देखेंगे.

‘अवैध संबध’ पर हो रहा था पछतावा, खत्म करना चाहती थी संबंध लेकिन प्रेमी ने काट दिया गला

नई दिल्ली। Illegal relationship Causes Murder : अक्सर देखा जाता है कि लोग अवैध संबंधों में पड़कर अपने हंसते खेलते जीवन में भूचाल ले आते हैं. ऐसा ही एक सनसनीखेज मर्डर का मामला दिल्ली के द्वारका सेक्टर 23 से सामने आया है. यहां एक व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका की गर्दन काट कर हत्या कर दी. हत्या के पीछे का कारण महिला द्वारा इस अवैध संबंध को खत्म करने की कोशिश थी. बताया जा रहा है कि मृतक महिला ने जैसे ही अपने प्रेमी को यह बताया कि वह अब उसके साथ संबंध नहीं रखना चाहती तो वह गुस्से में पागल हो गया. महिला को अकेला पाकर व घर में घुस गया और गर्दन काटकर महिला की हत्या कर दी. बेटी ने बताई सारी सच्चाई Illegal relationship Causes Murder : मृतक महिला का नाम मोनिका बताया जा रहा है और उसकी उम्र 42 वर्ष के आसपास थी. सनसनीखेज हत्या के बाद पूरे इलाके में डर समा गया था. इस मामले में प्रकाश डालते हुए मृतक महिला की 17 साल की बेटी ने पुलिस को बताया कि हरियाणा के रहने वाले कृष्णा से उसकी मां के अवैध संबंध थे. कई बार इस बारे में उनके घर पर झगड़ा भी होता था. अब… Continue reading ‘अवैध संबध’ पर हो रहा था पछतावा, खत्म करना चाहती थी संबंध लेकिन प्रेमी ने काट दिया गला

चित्रकूट में संघ चिंतन और योगी

chitrakoot yogi adityanath : आश्चर्य की बात यह है कि जिस घबराहट में संघ आज सक्रिय हुआ है अगर समय रहते उसने चारों तरफ़ से उठ रही आवाज़ों को सुना होता तो स्थिति इतनी न बिगड़ती। पर ये भी हिंदुओं का दुर्भाग्य है कि जब-जब संघ वालों को सत्ता मिलती है, उनका अहंकार आसमान को छूने लगता है। देश और धर्म की सेवा के नाम फिर जो नौटंकी चलती है उसका पटाक्षेप प्रभु करते हैं और हर मतदाता उसमें अपनी भूमिका निभाता है। लेखक: विनीत नारायण chitrakoot yogi adityanath : उत्तर प्रदेश के चुनाव कैसे जीते जाएं इस पर गहन चिंतन के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी अधिकारियों और प्रचारकों का एक सम्मेलन चित्रकूट में हुआ हैं। ऐसे शिविर में हुई कोई भी वार्ता या लिए गए निर्णय इतने गोपनीय रखे जाते हैं कि वे कभी बाहर नहीं आते। मीडिया में जो खबरें छपती हैं वो केवल अनुमान पर आधारित होती हैं, क्योंकि संघ के प्रचारक कभी असली बात बाहर किसी से साझा नहीं करते। इसलिए अटकलें लगाने के बजाए हम अपनी सामान्य बुद्धि से ही इस महत्वपूर्ण शिविर के उद्देश्य, वार्ता के विषय और रणनीति पर अपने विचार बना सकते है। जहां तक उत्तर प्रदेश के आगामी विधान… Continue reading चित्रकूट में संघ चिंतन और योगी

कौन है कश्मीरी हिंदुओं के पलायन का दोषी?

पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने अन्य विषयों के साथ, घाटी में कश्मीरी पंडितों के पुर्नवास की मांग भी रखी। क्या यह सत्य नहीं कि तीन दशक पहले जिस कुत्सित मानसिकता ने लगभग पांच लाख कश्मीरी पंडितों को पलायन हेतु विवश किया, वह मजहबी घृणा से प्रेरित जिहाद था और घाटी में व्याप्त इको-सिस्टम दशकों से उसी चिंतन से जनित है? क्या उसी दर्शन को घाटी में पुष्ट करने या फिर उसपर अपनी आंख मूंदे रहने के लिए यही 14 नेता किसी न किसी रूप में जिम्मेदार नहीं? जम्मू-कश्मीर को लेकर 23 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के 14 नेताओं के साथ बैठक हुई। तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने अन्य विषयों के साथ, घाटी में कश्मीरी पंडितों के पुर्नवास की मांग भी रखी। क्या यह सत्य नहीं कि तीन दशक पहले जिस कुत्सित मानसिकता ने लगभग पांच लाख कश्मीरी पंडितों को पलायन हेतु विवश किया, वह मजहबी घृणा से प्रेरित जिहाद था और घाटी में व्याप्त इको-सिस्टम दशकों से उसी चिंतन से जनित है? क्या उसी दर्शन को घाटी में पुष्ट करने या फिर उसपर अपनी आंख मूंदे रहने के लिए यही 14 नेता किसी न किसी रूप में जिम्मेदार नहीं?… Continue reading कौन है कश्मीरी हिंदुओं के पलायन का दोषी?

कश्मीरी पंडितों की सरकार से नाराजगी

कश्मीरी पंडित ( kashmiri pandits  ) केंद्र सरकार से नाराज हैं। पहली बार उन्होंने कई तरह से अपनी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 24 जून को कश्मीर के नेताओं का साथ हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वदलीय बैठक को लेकर यह मुद्दा उठाया और कहा कि इसमें कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया। हालांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना कश्मीरी पंडित हैं लेकिन वे भाजपा की नुमाइंदगी कर रहे थे। कश्मीरी पंडितों के समूहों का कहना है कि उनके प्रतिनिधियों को बैठक में बुलाया जाना चाहिए था ताकि वे अपना पक्ष रख सकें। दिल्ली में कश्मीरी पंडितों के सरोकारों की नुमाइंदगी करने वालों में से एक सुशील पंडित ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कश्मीर में पंडितों का नरसंहार हुआ था और लाखों कश्मीरी पंडित ( kashmiri pandits ) शरणार्थी बन गए लेकिन यह चर्चा का मुद्दा नहीं है। ध्यान रहे प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद इकलौते नेता थे, जिन्होंने कश्मीरी पंडितों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कांग्रेस की ओर पांच सूत्री मांग पेश करते हुए कहा कि कश्मीरी पंडितों को वापस घाटी में बसाने की योजना पर बात होनी चाहिए। यह… Continue reading कश्मीरी पंडितों की सरकार से नाराजगी

शरद पवार और विपक्ष : उम्मीद, भरोसा किस चेहरे से?

शरद पवार और विपक्ष : शरद पवार के घर पर कुछ विपक्षी पार्टियों और कुछ जाने-माने नागरिकों की जो बैठक हुई है उसका मकसद समझना मुश्किल नहीं है। बैठक के बाद भले पवार की पार्टी के नेता कहें कि यह बैठक उन्होंने नहीं बुलाई थी या यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी लेकिन हकीकत सबको पता है। यह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले देश में लोगों के सामने एक विकल्प पेश करने, एक अलग विचारधारा दिखाने और देश के लोगों को एक अलग कहानी सुनाने के मकसद से हुई। आगे इसका स्वरूप और स्पष्ट होगा। थोड़े दिन के बाद यह भी साफ होगा कि इस समूह के नेता कांग्रेस के नेतृत्व वाले दूसरे मोर्चे का साथ किस तरह का चुनावी तालमेल करेंगे। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में चुनाव की क्या जल्दी है? लेकिन उससे पहले सवाल है कि क्या इस समूह में ( शरद पवार और विपक्ष) कोई चेहरा ऐसा है, जो उम्मीद जगा सके या देश के लोगों को भरोसा दिलाए? यह प्रयास कुछ कुछ वैसा  ही है जैसा 2011 में अरविंद केजरीवाल ने किया था। उन्होंने इसी तरह देश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं को और जाने-माने लोगों को एक जगह इकट्ठा किया था और इंडिया अगेंस्ट करप्शन… Continue reading शरद पवार और विपक्ष : उम्मीद, भरोसा किस चेहरे से?

Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : भाजपा-विरोधी ‘राष्ट्रमंच’ की नाकामी

Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने पहल की और अपने ‘राष्ट्रमंच’ की ओर से देश के राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई। विपक्षी दलों की इस बैठक की हफ्ते भर से अखबारों में बड़ी चर्चा हो रही थी। कहा जा रहा था कि सारे विपक्षी दलों का जबर्दस्त गठबंधन खड़ा किया जाएगा, जो अगले आम चुनाव में नरेंद्र मोदी और भाजपा को चित्त कर देगा लेकिन हुआ क्या ? खोदा पहाड़ और उसमें से चुहिया भी नहीं निकली। यह भी पढ़ें: यह कैसा धर्मांतरण है ? चुहिया भी नहीं निकली, यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि बैठक के बाद इसके प्रवक्ता ने एकदम शीर्षासन की मुद्रा धारण कर ली। उसने सबसे बड़ी बात यह कही कि यह बैठक उन्होंने वैकल्पिक सरकार बनाने के हिसाब से नहीं बुलाई थी और इसका लक्ष्य भाजपा सरकार का विरोध करना नहीं है। यदि ऐसा ही था तो फिर इसे क्यों बुलाया गया था ? इसमें सभी छोटी-मोटी पार्टियों को तो बुलाया गया था लेकिन भाजपा को आयोजक लोग कैसे भूल गए ? भाजपा को इसमें क्यों नहीं बुलाया गया ? देश की स्थिति सुधारने में क्या उसका कोई योगदान नहीं हो सकता है… Continue reading Yashwant Sinha Rashtramanch Meeting : भाजपा-विरोधी ‘राष्ट्रमंच’ की नाकामी

पवार के घर पर जुटे विपक्षी नेता

Sharad Pawar Yashwant Sinha Meeting : नई दिल्ली। एनसीपी के प्रमुख शरद पवार के घर पर मंगलवार को कई विपक्षी पार्टियों के नेता जुटे। तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा के बनाए राष्ट्र मंच के तहत विपक्षी नेताओं का यह जमावड़ा हुआ। इस बैठक में शरद पवार के अलावा यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए। बैठक के बाद पवार की पार्टी के नेता माजिद मेमन ने सफाई देते हुए कहा कि यह तीसरे मोर्चे की बैठक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक शरद पवार ने नहीं बुलाई थी। कांग्रेस पार्टी को इसमें नहीं बुलाया गया था। गौरतलब है कि ममता बनर्जी के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पिछले दो हफ्ते में दो बार शरद पवार से मुलाकात की है। सोमवार को भी वे पवार से मिले थे और उसके बाद ही यह बैठक बुलाई गई थी। हालांकि खुद प्रशांत किशोर ने सोमवार को ही कहा था कि अगले चुनाव में कोई तीसरा या चौथा मोर्चा नरेंद्र मोदी को नहीं हरा पाएगा। माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। बहरहाल, मंगलवार को हुई बैठक के बाद माजिद मेमन ने कहा- मीडिया में… Continue reading पवार के घर पर जुटे विपक्षी नेता

और लोड करें