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  • बढ़ती विषमता का आईना

    आय कर रिटर्न्स से उभरा रुझान साफ है। भारत में प्रत्यक्ष कर राजस्व अधिक से अधिक धनी वर्गों पर निर्भर होता जा रहा है। वैसे, विषमता बढ़ने की पुष्टि हवाई यात्रा संबंधी ताजा आंकड़ों से भी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल हुए आयकर रिटर्न्स से देश में बढ़ रही आर्थिक गैर-बराबरी की झलक मिली है। एक अंग्रेजी वित्तीय अखबार के विश्लेषण के मुताबिक पांच लाख रुपये तक आमदनी वाले व्यक्तियों के रिटर्न की संख्या 2024-25 की तुलना में गिर कर लगभग आधी रह गई है। ऐसा संभवतः इसलिए हुआ कि गुजरे वित्त वर्ष में सरकार के आय...