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modi new cabinet 2021 : क्या-क्या करे नया मंत्रिमंडल?

modi new cabinet 2021 : स्वतंत्र भारत में इंदिराजी के ‘कामराज प्लान’ के बाद सबसे बड़ी साहसिक पहल प्र.मं. नरेंद्र मोदी ने की है। नए और युवा मंत्रियों को अपने अनुशासन में रखना और उनसे अपने मन मुताबिक काम करवाना आसान रहेगा लेकिन उनसे कौन से काम करवाना है, यह तो प्रधानमंत्री को ही तय करना होगा। पिछले सात वर्षों में इस सरकार ने कुछ भयंकर भूलें की हैं तो कई अच्छे कदम भी उठाए हैं, जिनका लाभ जनता के विभिन्न वर्गों को बराबर मिल रहा है। यह भी पढ़ें: कई-कई राज्यमंत्री क्या करेंगे? लेकिन जैसा राष्ट्र गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय बनाना चाहते थे, वैसा राष्ट्र बनाना तो दूर रहा, उस लक्ष्य के नजदीक पहुंचना भी हमारी कांग्रेस, जनता पार्टी और भाजपा सरकारों के लिए मुश्किल रहा है। इस समय नरेंद्र मोदी चाहें तो उक्त महापुरुषों के सपनों को कुछ हद तक साकार कर सकते हैं। क्योंकि इस वक्त पार्टी, सरकार और देश में उनका एकछत्र राज है। उनकी पार्टी और विपक्ष में उनके विरोधियों के हौंसले पस्त हैं। उनकी लोकप्रियता थोड़ी घटी जरुर है, कोरोना की वजह से लेकिन आज भी उनकी आवाज पर पूरा देश आगे बढ़ने को तैयार है। इस नए मंत्रिमंडल का पहला लक्ष्य तो… Continue reading modi new cabinet 2021 : क्या-क्या करे नया मंत्रिमंडल?

हर्षवर्धन को बलि का बकरा बना गया: आईएएनएस-सी वोटर स्नैप पोल में 54 फीसदी लोगों ने कहा

नई दिल्ली | मोदी कैबिनेट के विस्तार में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ( Health Medical Minister Harshvardhan ) को कैबिनेट से बाहर किए जाने को कई लोगों ने नहीं स्वीकारा है। आईएएनएस सी वोटर स्नैप पोल के अनुसार, 54 प्रतिशत से अधिक लोगों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान हुई कठिनाइयों के लिए हर्षवर्धन अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। उन्हें सिर्फ बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हालांकि, 29 प्रतिशत लोग हालांकि इस धारणा से असहमत भी थे। सर्वेक्षण के नमूना का आकार 1200 है और यह सभी क्षेत्रों में वयस्क उत्तरदाताओं के साथ साक्षात्कार पर आधारित है। पेट्रोल-डीजल में राहत की उम्मीद कम सर्वे में यह भी कहा गया है कि नए मंत्रियों के आने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी भी तरह की राहत की उम्मीद कम है। करीब 55 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री को हटाने और हरदीप पुरी को इस पद पर नियुक्त किए जाने से पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक नहीं लगेगी जबकि 34 प्रतिशत मानते हैं कि इस मूल्यवृद्धि पर मंत्रिमंडल विस्तार से रोक सम्भव है। Bank Holidays : बैंकों में कल से 15 दिन तक अवकाश! आज ही निपटा लें बैंक से संबंधित… Continue reading हर्षवर्धन को बलि का बकरा बना गया: आईएएनएस-सी वोटर स्नैप पोल में 54 फीसदी लोगों ने कहा

नीतीश ने मोलभाव की ताकत गंवा दी

Nitish Kumar JDU : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ मोलभाव करने की ताकत गंवा दी है। पहले भाजपा के साथ समझौते में एडवांटेज हमेशा नीतीश के साथ थी लेकिन अब भाजपा बेहतर स्थिति में है। इसका सिर्फ यह कारण नहीं है कि बिहार में इस बार जदयू के मुकाबले बहुत ज्यादा सीटें भाजपा ने जीती हैं। उसके अलावा भी इसके कई कारण हैं। बिहार भाजपा के प्रभारी रहते भूपेंद्र यादव ने जो राजनीति की है उससे कई बुनियादी बदलाव हुए हैं, जिस की वजह से बिहार भाजपा पर से नीतीश का नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हुआ है। ऊपर से चिराग पासवान की राजनीति ने अलग नीतीश को बैकफुट पर कर दिया है। इसके अलावा खुद नीतीश कुमार ने भी कुछ कारणों से अपनी एडवांटेज गंवाई है। वे अपनी पार्टी से ज्यादा इस चिंता में रहे कि कैसे भाजपा कोटे से सुशील मोदी केंद्र सरकार में मंत्री बन जाएं और किस तरह से पशुपति पारस को राज्य मंत्री न बना कर कैबिनेट मंत्री बनाया जाए। इससे उनकी कमजोरी जाहिर हुई, जिसे भाजपा नेतृत्व ने भांप लिया। भाजपा को पता है कि सुशील मोदी और पशुपति पारस दोनों जदयू का ही कोटा हैं। यही कारण है कि… Continue reading नीतीश ने मोलभाव की ताकत गंवा दी

modi cabinet 2021 bihar | सरकार में कम हुआ बिहार का महत्व

modi cabinet 2021 bihar : यह दुर्भाग्य है कि बिहार के नेताओं को कभी भी पहली कतार के मंत्री के तौर पर नहीं देखा जाता है। तमाम राजनीतिक चेतना के हल्ले और पढ़े-लिखे होने की चर्चाओं के बावजूद पांच शीर्ष मंत्रालयों में शायद ही कभी कोई बिहारी मंत्री बना होगा। लेकिन मौजूदा सरकार में दूसरी कतार के मंत्रियों में भी जगह नहीं मिल रही है। संख्या के लिहाज से भी बिहार सबसे कम प्रतिनिधित्व वाले राज्यों में से एक है। कई राज्यों का प्रतिनिधित्व जरूरत से ज्यादा है। जैसे गुजरात से भाजपा के 26 सांसद हैं लेकिन केंद्र में छह मंत्री हैं यानी करीब 23 फीसदी प्रतिनिधित्व है। इसी तरह देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के 65 भाजपा सांसदों में से 16 मंत्री हैं यानी 25 फीसदी के करीब प्रतिनिधित्व है। यह भी पढ़ें: हिमंता के बाद सिंधिया की ताजपोशी इसके उलट बिहार से भाजपा-जदयू और लोजपा यानी एनडीए के 39 सांसद हैं और मंत्री सिर्फ छह हैं। यानी केंद्रीय मंत्रिमंडल में बिहार का प्रतिनिधित्व 15 फीसदी है। बिहार से रविशंकर प्रसाद केंद्रीय कानून, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री थे और सरकार के प्रवक्ता भी थे। लेकिन उनको हटा दिया गया। बिहार की सहयोगी पार्टी जदयू से एक… Continue reading modi cabinet 2021 bihar | सरकार में कम हुआ बिहार का महत्व

हिमंता के बाद सिंधिया की ताजपोशी

Himanta Biswa Sarma jyotiraditya scindia : यह सवाल भारतीय जनता पार्टी के नेता उठा रहे हैं कि आखिर पार्टी क्यों अपने लोगों को छोड़ कर दूसरी पार्टी से आए नेताओं को इतनी तरजीह दे रही है। असल में भाजपा एक रणनीति के तहत यह काम कर रही है। वह कांग्रेस मुक्त भारत के अपने नारे को पूरा करने के लिए कांग्रेस के ऐसे चेहरों को ऊंचे पदों पर बैठा रही है, जो पार्टी नेतृत्व से नाराज होकर या उसकी आलोचना करके पार्टी से बाहर हुए हैं। इसी योजना के तहत भाजपा ने छह साल पहले कांग्रेस छोड़ने वाले हिमंता बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री बनाया है। राहुल गांधी के साथ उनके विवाद को बहुत हाईलाइट किया गया था। हिमंता सरमा को मुख्यमंत्री बनाने का तात्कालिक फायदा जितिन प्रसाद के रूप में हुआ। हिमंता की ताजपोशी ने जितिन को प्रेरित किया कि वे पाला बदलें और भाजपा के साथ जाएं। यह भी पढ़ें: सरकार में कम हुआ बिहार का महत्व! इसी तरह पिछला साल कांग्रेस की मध्य प्रदेश सरकार गिरवा कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा सदस्य बनाने के बाद कैबिनेट मंत्री बनाना भी बहुत से कांग्रेस नेताओं को प्रेरित करेगा कि भाजपा की ओर प्रस्थान करें।… Continue reading हिमंता के बाद सिंधिया की ताजपोशी

मंत्रियों के नाम से पहले मीडिया में बना नैरेटिव

obc ministers media narrative : नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार के पहले विस्तार में कौन कौन मंत्री बनेगा और कौन कौन बाहर होगा इसका अंदाजा किसी को नहीं था। तभी बुधवार को शाम छह बजे शपथ समारोह से चंद मिनट पहले तक अटकलें लगाई जा रही थीं। कुछ गिने-चुने नामों को छोड़ कर किसी चैनल या अखबार के पत्रकार को पता नहीं था कि कौन कौन मंत्री बन रहा है। लेकिन यह सबको पता था कि मोदी कैबिनेट अब तक की सबसे युवा कैबिनेट होगी, अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा ओबीसी, एससी और एसटी मंत्री बनेंगे और अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा प्रोफेशनल्स को सरकार में जगह मिलेगी। यह भी पढ़ें: सरकार में कम हुआ बिहार का महत्व! सोचें, जब किसी को नाम ही नहीं पता है कि कौन कौन मंत्री बन रहा है फिर यह कैसे पता चला कि सबसे ज्यादा ओबीसी, एससी और एसटी होंगे या युवा होंगे या पेशेवर होंगे? जाहिर है प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्रियों की सूची बना कर तैयार रखी गई थी और उस आधार पर यह विश्लेषण कर लिया गया था कि कितने ओबीसी, एससी या एसटी हैं और कितने युवा हैं और कैबिनेट की औसत आयु क्या बन रही… Continue reading मंत्रियों के नाम से पहले मीडिया में बना नैरेटिव

बाहर से आए नेताओं की भरमार

bjp jyoditraditya scindia : केंद्र में नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार की पहला फेरबदल में कई ऐसे चेहरे हैं, जो अनाम हैं यानी जिनके बारे में दिल्ली की मीडिया को पता ही नहीं है। सबका बायोडाटा लेकर मीडियाकर्मी राज्यों में फोन करके जानकारी ले रहे थे। लेकिन अनेक ऐसे चेहरे हैं, जिनके बारे में सब लोग जानते थे। ऐसे चेहरों में उन नेताओं की भरमार है, जो दूसरी पार्टियों से आए हैं या दूसरे काम में थे और भाजपा या किसी दूसरी पार्टी से नहीं जुड़े थे। सहयोगी पार्टियों के अलावा ऐसे नेताओं की भरमार है, जिनको भाजपा ने अपना बनाया है। यह भी पढ़ें: नया कैबिनेट, उम्मीद करना फालतू! कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया इसकी मिसाल हैं तो शिव सेना और उसके बाद कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए नारायण राणे दूसरी मिसाल हैं। शपथ ग्रहण समारोह में ये दोनों नेता अगली पंक्ति में बैठाए गए। असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी भाजपा के पुराने नेता नहीं हैं। वे 10 साल पहले 2011 में भाजपा में शामिल हुए थे। उससे पहले वे असम गण परिषद से जुड़े थे और उसकी टिकट पर विधायक व सांसद दोनों रहे थे। उनको पहले भाजपा ने मुख्यमंत्री बनाया… Continue reading बाहर से आए नेताओं की भरमार

नया कैबिनेट, उम्मीद करना फालतू!

Cabinet Expansion 2021 IAS : बुधवार, सात जुलाई की शाम को राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में जब ओड़िशा काडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी अश्विनी वैष्णव भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने राष्ट्रपति के सामने पहुंचे तो आंखें जुड़ा गईं, मन आह्लादित हो गया और जीवन धन्य हो गया! यह याद करके कि इसी साल 12 फरवरी को संसद के बजट सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के आईएएस अधिकारियों के लिए अपने मनोद्गार व्यक्त किए थे। उनके शब्द थे- ‘सब कुछ बाबू ही करेंगे। आईएएस बन गए मतलब वो फर्टिलाइजर का कारखाना भी चलाएगा, आईएएस हो गया तो हवाई जहाज जहाज भी चलाएगा, ये कौन सी बड़ी ताकत बना कर रख दी है हमने? बाबुओं के हाथ में देश देकर हम क्या करने वाले हैं? हमारे बाबू देश के हैं तो देश का नौजवान भी तो देश का है’! तभी अश्विनी वैष्णव को शपथ लेते देख कर पहले हैरानी हुई लेकिन फिर लगा कि प्रधानमंत्री कितने लचीले हैं, जो पांच महीने पहले कही गई अपनी बात को दिल से निकाल दिया और ‘बाबुओं’ को देश चलाने लायक समझा। ध्यान रहे आईएएस अधिकारी अपने को ‘बाबू’ कहे जाने से नाराज होते हैं। आईएएस एसोसिएशन… Continue reading नया कैबिनेट, उम्मीद करना फालतू!

मंत्रिपरिषद में फेरबदल : भाजपा ने जो बताया

भाजपा ने बता दिया है कि अब मंत्रिपरिषद में 13 दलित, 27 ओबीसी और आठ जनजातियों के मंत्री हैं। आम भारतीय जन मानस की जैसी सरंचना है, उसमें यह महत्त्वपूर्ण है। इसके साथ ही मंडलवादी और कांशीरामवादी प्रतिनिधित्व की राजनीति पूरी तरह हिंदुत्व परियोजना में समाहित कर ली गई है। PM Modi new Cabinet : नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल की खबर के लाइव प्रसारण के समय एक टीवी चैनल पर अचानक ये बताया गया कि मोदी सरकार ने नए मंत्रियों की जो प्रोफाइल भेजी है, उसमें कुछ नई बातें हैँ। अनुभवी पत्रकारों ने कहा कि ऐसा उन्होंने इसके पहले कभी नहीं देखा था। नए मंत्रियों के परिचय में यह उल्लेख है कि वे किस जाति और उस जाति समूह की किस उप जाति से आते हैँ। जिस क्षेत्र से आते हैं उसका भी ब्योरा दिया साफ शब्दों में दिया गया था। यानी भाजपा यह मेसेज समाज में देना चाहती थी कि मंत्रिपरिषद की नई संचरना तय करते समय उसने किस तरह की ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की है। ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की धारणा 1990 के दशक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भीतर स्वीकृत हुई थी। उसके मुताबिक हिंदू समाज की जातीय रचना को स्वीकार करते हुए हिंदुत्व की परियोजना को व्यापकता देने… Continue reading मंत्रिपरिषद में फेरबदल : भाजपा ने जो बताया

Narendra Modi New Cabinet: PM मोदी की नई बिग्रेड तैयार, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

नई दिल्ली | Narendra Modi New Cabinet: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। जिसमें कई दिग्गज नेताओं को अपने पद से हाथ धोना पड़ा तो कई नए चेहरों को देश की सेवा के लिए मौका मिला। पीएम मोदी के नए मंत्रिमंडल में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए युवा नेताओं और राजनीति के मंझे हुए दिग्गजों का सामंजस्य देखने को मिल रहा है। कई दिग्गजों के छिने पद, नयों को मिला मौका मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार में राजनीति के कई दिग्गजों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ हैं जिनमें डाॅ. हर्षवर्धन, रविशंकर, प्रकाश जावड़ेकर समेत कुल 12 मंत्री हैं। वहीं दूसरी और ऐसे भी युवा और अनुभवी नेता हैं जिन्हें पहली बार पीएम मोदी की कैबिनेट में जगह मिली है। जिनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण राणे और सर्बानंद सोनोवाल प्रमुख हैं। पीएम मोदी की कैबिनेट (Narendra Modi New Cabinet) में 43 नए मंत्रियों ने शपथ ली। जिनमें 15 सदस्यों को कैबिनेट मंत्री और 28 को राज्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई। अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या प्रधानमंत्री मोदी सहित 78 हो गई है। 15 कैबिनेट मंत्रियों को मिले ये विभाग  निर्मला सीतारमण- वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट मंत्रालय  अमित शाह- गृह… Continue reading Narendra Modi New Cabinet: PM मोदी की नई बिग्रेड तैयार, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

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