समस्या है, या उपलब्धि?
भारत में मजबूत होती के-शेप अर्थव्यवस्था में ‘समृद्ध उपभोक्ताओं’ की संख्या बढ़ना लाजिमी है। कोरोना काल के बाद समृद्धि का वितरण और गतिरुद्ध हुआ है। लग्जरी उपभोग का बढ़ना उसका ही परिणाम है। मार्केट एजेंसी नीलसन-आईक्यू की ताजा रिपोर्ट के इस अनुमान पर कुछ हलकों में सुखबोध देखने मिला है कि अगले दस साल में भारत ‘समृद्ध उपभोक्ताओं’ के मामले में चीन को पछाड़ देगा। इस अनुमान के मुताबिक 2036 में भारत में 10.8 करोड़ ऐसे उपभोक्ता होंगे, जबकि चीन में यह संख्या 10.3 करोड़ के करीब होगी। नीलसन ने इसे भारतीय बाजार में आ रहे बड़े बदलाव का संकेत...
