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अफगानिस्तान से न फैले आतंकवाद

आठ देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में अफगानिस्तान से आंतकवाद फैलने की साझा चिंता उभरी।

भारत के निमंत्रण पर आज दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के NSA सदस्य, Pakistan और China ने आने से किया इनकार

भारत ने पाकिस्तान और चीन को भी आमंत्रित किया था लेकिन दोनों ही देशों ने भारत के निमंत्रण को ठुकराते हुए इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

पाक और चीन क्यों बिदक रहे हैं?

यह खुशी की बात है कि अफगानिस्तान को लेकर हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित दोभाल ने अच्छी पहल की है।

जवाबदेही भी तय हो!

अगर पुलिस न्यायिक कसौटी पर खरा उतरने वाले साक्ष्य को पेश करने में विफल रहती है, तो जिन अधिकारियों ने ये धारा लगाई और व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों का हनन किया, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। आखिर पुलिस सत्ताधारी दल की एजेंसी नहीं होती। उसे कानून और संविधान के दायरे में काम करना चाहिए।

अदालतें हैं लोकतंत्र का दीया!

जजों ने बहुत स्पष्ट शब्दों में और बहुत विद्वतापूर्ण तरीके से मौजूदा समय के सबसे बड़े खतरे या सबसे बड़ी चिंता को रेखांकित किया। लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का राज्य का प्रयास इस समय की सबसे बड़ी चिंता है। राजधानी दिल्ली से लेकर बस्तर के जंगलों तक एक समान रूप से यह काम किया जा रहा है। बस्तर के आदिवासियों से लेकर जेएनयू के छात्रों तक के ऊपर ऐसे कानूनों के तहत मुकदमे किए जा रहे हैं, जो आतंकवाद से लड़ने के लिए बनाए गए हैं यह भी पढ़ें: भारत भी तो कुछ कहे चीन को! तीन जून और 15 जून 2021 का दिन भारत के न्यायिक इतिहास में ऐतिहासिक तारीख के रूप में दर्ज होगा और साथ ही देश के लोकतांत्रिक इतिहास का भी एक अहम मुकाम माना जाएगा। तीन जून को सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के दो टेलीविजन चैनलों और एक सांसद के ऊपर दर्ज राजद्रोह के मुकदमे पर रोक लगाते हुए कहा था कि सरकार का विरोध करना राजद्रोह नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अंग्रेजी राज में बने इस कानून की समीक्षा की जरूरत भी बताई थी। इसके 12 दिन बाद 15 जून को दिल्ली हाई कोर्ट ने तीन युवा सामाजिक कार्यकर्ताओं- नताशा नरवाल, देवंगाना कलिता… Continue reading अदालतें हैं लोकतंत्र का दीया!

राजद्रोह कानून की समीक्षा जरूरी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले सात साल में करीब डेढ़ हजार कानूनों को खत्म किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद अक्सर इस बात का जिक्र करते हैं।

पुलिस नाकाम रहती है तो लोकतंत्र नाकाम होता है : डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने देशभर के युवा पुलिसकर्मियों को बृहस्पतिवार को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी को पुलिस ‘‘विश्वसनीय एवं निष्पक्ष” नजर आनी चाहिए

कश्मीर के बाद दिल्ली में डोवाल, डोवाल!

चार-पांच महीने पहले जम्मू कश्मीर की सड़कों पर अजित डोवाल के घूमने, लोगों से मिलने, सड़क के किनारे खड़े होकर चाय पीने और लोगों को दिलासा देने की फोटो और वीडियो वायरल हुई थी। तब उन्होंने कहा था कि सब कुछ सामान्य है और केंद्र सरकार आज इस बात के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है

डोवाल संभाल रहे कमान

नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार से चल रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने और शांति बहाली के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल खुद मैदान में उतरे हैं। उन्होंने मंगलवार की देर रात को हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद बुधवार को उन्होंने फिर हिंसा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और मौजपुर का दौरा किया। खुद जमीनी हालात का जायजा लेने के बाद शाम में डोवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें रिपोर्ट सौंपी। हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने से पहले डोवाल ने सीलमपुर डीसीपी ऑफिस में आला अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद अजित डोवाल वहां स्थानीय नागरिकों से मिले। उन्होंने एक महिला से बात करते हुए कहा- प्रेम की भावना बना कर रखिए। हमारा एक देश है, हम सबको मिल कर रहना है। देश को मिल कर आगे बढ़ाना है। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कहा- आपके होते हुए हमें कोई टेंशन नहीं है, आप आ गए हम लोगों में हिम्मत आई गई। लोगों से मुलाकात में डोवाल ने दावा किया कि हालात पूरी तरह से काबू में हैं। उन्होंने लोगों से बात करते हुए कहा कि कोई भी तकलीफ… Continue reading डोवाल संभाल रहे कमान

एनएसए के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों के बीच कुछ राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लागू राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

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