‘परमाणु हथियारों के इस्तेमाल’ को लेकर भारत ने चेताया

संयुक्त राष्ट्र। भारत ने सीमा पार आतंकवाद को छुपाने के लिए कुछ देशों द्वारा ‘परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देने’ के खतरों को लेकर चेताया। आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दक्षिण एशिया में संभावित परमाणु युद्ध संबंधी बयान दिया था। निरस्त्रीकरण सम्मेलन (सीडी) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पंकज शर्मा ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा हालात लगातार बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति होने के नाते भारत का परमाणु सिद्धांत इन हथियारों का पहले प्रयोग नहीं करना और परमाणु हथियार रहित देशों के खिलाफ इसका इस्तेमाल नहीं करने का है। उन्होंने निरस्त्रीकरण, वैश्विक चुनौतियों और शांति के लिए खतरों से निपटने वाली प्रथम समिति की आम बहस में सोमवार को कहा कि वैश्विक सुरक्षा हालात लगातार बदल रहे हैं। कुछ ऐतिहासिक निरस्त्रीकरण संधियों एवं समझौतों के समाप्त होने और सीमा पार आतंकवाद को छुपाने के लिए देशों द्वारा परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देने से पैदा होने वाले खतरों और परमाणु सीमा के कम होने की चिंता है। शर्मा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा… Continue reading ‘परमाणु हथियारों के इस्तेमाल’ को लेकर भारत ने चेताया

‘जो 70 साल में कभी नहीं हुआ!’

हां, यह जुमला भाजपा और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री से लेकर केंद्र सरकार के हर मंत्री का सबसे पसंदीदा है। मतलब जो 70 साल में नहीं हुआ वह हमने तीन महीने, तीन साल या पांच साल में कर दिया। मजेदार बाह है कि भक्त नागरिक इन बेसिरपैर की बातों पर भरोसा भी करते हैं।

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