अजब-गजब : ऑनलाइल क्लासेज में नहीं हो रही थी उपस्थिति तो लाउडस्पीकर लेकर बुलाने निकल पड़े शिक्षक ….

नई दिल्ली | Teachers Inviting through loudspeakers : कोरोना और लॉकडाउन के कारण देश में सबसे ज्यादा प्रभावित कुछ हुआ है तो वो है भारत की शिक्षा व्यवस्था. पिछले 2 सालों से स्कूलों और कॉलेजों में ताले लटके ही दिखाई दिये हैं. हालांकि बीच में एक ऐसा दौर भी आया जहां कुछ समय के लिए सबकुछ खुल गया था, उस समय लग रहा था कि अब कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के काऱण एक बार फिर से स्थितियां वहीं पहुंच गई है. अब जब कोरोना की दूसरी लहर से कुछ राहत मिली है तो लोगों को उम्मीदें एक बार फिर से जाग गई हैं, देश की राजधानी दिल्ली में हालात कुछ ऐसे बन गए हैं कि लॉकडाउन के बाद ढूंढने से भी छात्र नहीं मिल रहे हैं. अब परेशानियों से निपटने के लिए राजधानी के सरकारी स्कूलों ने एक नई मुहिम चलाई है. दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 8 के सर्वोदय विद्यालय के शिक्षकों द्वारा गांव के आसपास की झुग्गी झोपड़ियों में जाकर लाउडस्पीकर से बच्चों को बुलाया जा रहा है. शिक्षकों की यह मुहिम सोशल मीडिया में भी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं. सब्जी… Continue reading अजब-गजब : ऑनलाइल क्लासेज में नहीं हो रही थी उपस्थिति तो लाउडस्पीकर लेकर बुलाने निकल पड़े शिक्षक ….

रिसर्च और फील्ड वर्क : इन छात्रों का भविष्य क्या?

रिसर्च और फील्ड वर्क का क्या हाल है, सहज समझा जा सकता है। इनके बिना मिली डिग्री की आखिर क्या अहमियत होगी। विज्ञान का रिसर्च बिना प्रयोगशाला के नहीं हो सकता। विज्ञान के किसी रिसर्चर के लिए उतना ही जरूरी फील्ड वर्क और लाइब्रेरी भी होती है। इसके बिना शोध संभव नहीं है। देश में माहौल ज्ञान-विज्ञान और विवेक के खिलाफ है, इसलिए कुछ बुनियादी महत्त्व के सवाल आज आम तौर पर नीति निर्माताओं और जनमत निर्माताओं को परेशान नहीं करते। लेकिन जिनका भविष्य दांव पर लगा है, उनके मन में जरूर भय समा गया होगा। गौर करने की बात है कि यह लगातार दूसरा साल है, जब देश के ज्यादातर छात्रों को बिना परीक्षा ही पास कर दिया गया। इनमें विश्वविद्यालय और कॉलेजों के छात्र भी हैं। कोरोना महामारी के कारण अब भी विश्वविद्यालय और कॉलेज बंद हैं। ऐसे में पढ़ाई सिर्फ ऑनलाइन हो रही है। ऐसे में रिसर्च और फील्ड वर्क का क्या हाल है, सहज समझा जा सकता है। इनके बिना मिली डिग्री की आखिर क्या अहमियत होगी। विज्ञान का रिसर्च बिना प्रयोगशाला के नहीं हो सकता। विज्ञान के किसी रिसर्चर के लिए उतना ही जरूरी फील्ड वर्क और लाइब्रेरी भी होती है। इसके बिना शोध संभव… Continue reading रिसर्च और फील्ड वर्क : इन छात्रों का भविष्य क्या?

Corona Impact: जूम एप से मीटिंग और ऑनलाइन क्लासेज को बहुत देख लिये अब देखें ‘वर्चुअल शादी’

New Delhi: देश में कोरोना की कहर के साथ ही बहुत कुछ नया देखने को भी मिला है. ऑफिसों में होने वाली जूम एप से मीटिंग हो या फिर शिक्षण संस्थानों में चलने वाले ऑनलाइन क्लासेज. लेकिन अब हम जो आपको बताने जा रहे हैं इसके बारे में आपने कभी नहीं सुना होगा. यह मामला उत्तराखंड के अल्मोड़ा गांव का है. जहां रमेश नाम की एक युवक की शादी लखनऊ में रहने वाली मंजू के साथ तय हुई थी.  लेकिन शादी के 1 दिन पहले ही कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं थी. शादी के ठीक 1 दिन पहले जब बारात निकलने की तैयारी हो रही थी तभी दूल्हे का कोरोना रिपोर्ट आया.  जिसमें दूल्हा पॉजिटिव पाया गया इसके बाद घर वालों ने बरात कैंसिल कर दूल्हे को घर में ही आइसोलेट कर दिया.  इसके साथ ही दूल्हा का पूरा परिवार भी आइसोलेट हो गया. विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं मानी हार कोरोना कि इस विपरीत परिस्थितियों में भी परिवार वालों ने हार नहीं मानी.  दोनों घर वालों ने वीडियो कॉलिंग या यूं कहें कि वर्चुअल शादी का रास्ता चुना. दोनों पक्षों का मानना था कि शादी के तय होने के बाद शादी को आगे बढ़ाया जाना… Continue reading Corona Impact: जूम एप से मीटिंग और ऑनलाइन क्लासेज को बहुत देख लिये अब देखें ‘वर्चुअल शादी’

बच्चों में बढ़ती आंखों की समस्या

कोरोना महामारी के चलते स्कूल वगैरह बंद हैं, ऐसे में पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लासेज और बाहर ज्यादा न निकलने की अवस्था में गेमिंग में बच्चे अपना अधिक समय बिता रहे हैं

और लोड करें