ढांचागत बदलाव की ओर
चूंकि यूएई अब स्वतंत्र रूप से तेल का उत्पादन और बिक्री करेगा, अतः खरीदार देशों के पास सौदेबाजी के लिए ओपेक में बचे 11 और ओपेक+ के 22 देशों के अतिरिक्त भी एक विकल्प उपलब्ध हो जाएगा। ईरान और अमेरिका- इजराइल के युद्ध से दुनिया- खास कर पश्चिम एशिया में- कई तरह के ढांचागत बदलावों के संकेत उभरे हैं। उस दिशा में पहली ठोस खबर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तेल उत्पादक देशों के संगठनों ओपेक एवं ओपेक+ से अलग होने के रूप में आई है। यूएई के इस फैसले का अर्थ है कि विश्व तेल बाजार अब पहले जैसा...