Hard to Believe: HC ने मध्य प्रदेश सरकार के जवाब पर आश्चर्य व्यक्त किया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुई

मध्य प्रदेश सरकार के इस जवाब पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कि कोविड -19 की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से किसी की मृत्यु नहीं हुई।

तमिलनाडु में 23 अगस्त तक बढ़ा लॉकडाउन, धार्मिक स्थलों, स्कूलों पर सितंबर से प्रतिबंध

कोरोना की दूसरी लहर के गुजरने के बाद कोरोना के मामले में कमी होने लगी है। लेकिन एक बार फिर से कोरोना के मामलें में इजाफा होने लगा है। और वैज्ञानिक इसे तीसरी लहर की दस्तक मान रहे है। भारत के कुछ राज्यों में कोरोना के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे है। केरल में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ हे है। केरल कोरोना का गढ़ बनता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद तमिलनाडु ने नई पाबंदियों के साथ लॉकडाउन को 23 अगस्त तक बढ़ा दिया है। जहां सरकार अब सितंबर से चुनिंदा मानकों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की योजना बना रही है। ( lockdown extend in tamilnaddu ) वहीं धार्मिक स्थल भी नए प्रतिबंधों के दायरे में आ गए हैं। also read: देश कोरोना के बढ़ते नए मामलों के बीच अब मौतों ने डराया, एक ही दिन में हुई 600 के पार नए दिशानिर्देशों में क्या शामिल है सभी धार्मिक स्थल सप्ताह के तीन दिन – शुक्रवार, शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे। सरकार की योजना 1 सितंबर से 9, 10, 11 और 12 वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की है। जिसमें एक समय में 50% छात्रों की उपस्थिति होगी। सख्त… Continue reading तमिलनाडु में 23 अगस्त तक बढ़ा लॉकडाउन, धार्मिक स्थलों, स्कूलों पर सितंबर से प्रतिबंध

बिन ऑक्सीजन मौत.. इतना झूठ क्यों?

ऑक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुईं। भला ऐसे सत्य को कैसे झुठला सकते हैं, जिसकी फोटो हैं, जिसके मुंह जुबानी बोलते चेहरे हैं, जिसके रोते-बिलखते आंसू हैं! पूरी दुनिया ने, भारत के लोगों ने जब ऑक्सीजन की कमी से फड़फड़ाते लोगों को देखा है

राज्य क्यों नहीं बता रहे हैं सच!

जिन राज्यों में ऑक्सीजन की कमी से मौतें हुईं और मीडिया ने रिपोर्ट किया उन राज्यों में भी कहा जा रहा है कि उनके यहां किसी की मौत नहीं हुई। इसमें पक्ष और विपक्ष दोनों के शासन वाले राज्य शामिल हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों की ओर से कहा गया है कि उनके यहां किसी की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई।

ताकि इतिहास याद रखे

शोधकर्ताओं ने सात राज्यों में मौतों के आंकड़ों का अध्ययन किया। इन सात राज्यों में कुल मिलाकर भारत की आधी से ज्यादा आबादी रहती है। शोधकर्ताओं ने सीरो सर्वेक्षण के आंकड़ों का भी अध्ययन किया। सीरो सर्वेक्षण देशभर में हुए दो एंटिबॉडी टेस्ट के आंकड़े हैं। इनकी तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या से की गई।

ऑक्सीजन की कमी से मौत मामले में घिरी सरकार, विपक्षी नेताओं का केंद्र सरकार पर हमला

सरकार ने ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट करने वाले टैंकरों की व्यवस्था नहीं की। एंपावर्ड ग्रुप और संसदीय समिति की सलाह को नजरअंदाज कर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का कोई प्रयास नहीं हुआ और अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने में कोई सक्रियता नहीं दिखाई गई।

मृत्यु भी सत्य से परे!

23 अप्रैल की रात को दिल्ली के जयपुर गोल्डेन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 25 लोगों की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने हलफ उठा कर यह जानकारी दिल्ली हाई कोर्ट में दी हुई है। 22 से 23 अप्रैल के बीच 24 घंटे में दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित गंगाराम अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 25 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा ने खुद इस बात की जानकारी दी।

किसके भरोसे ये झूठ?

असल बात यह है कि सरकार ने सच के विरुद्ध एक और वैकल्पिक कहानी गढ़ने की कोशिश की है। सवाल है कि ये सरकार ऐसी हिम्मत कैस कर पाती है? आखिर उसे किन लोगों पर ऐसा भरोसा रहता है कि उन्हें वह जो बताएगी वे उसे ही मानेंगे, भले उनकी अपनी आंखों ने कुछ देखा हो और उनके अपने मन ने कुछ महसूस किया हो? यहां ये बात जरूर याद करनी चाहिए कि सरकार ने इस बार भूलवश या जानकारी के अभाव में ऐसी बात नहीं कही है।

अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन के लिए तड़पते मरीज और सरकार का कहना ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं..

अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन के लिए तड़पते मरीज और सरकार का कहना ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं..

Corona Impact: वाहनों की बिक्री में देखी गई रिकार्ड गिरावट, टू व्हीलर्स का ग्राफ तो 96.21 प्रतिशत तक घटा…

नयी दिल्ली | कोरोना की दूसरी लहर के दौरान वाहनों की बिक्री पर बड़ा एसर पड़ा है. वाहन निर्माता कंपनियों ने संयक्त रूप से संग्रहित किये गये आंकड़ों को प्रदर्शित करते हुए बताया कि मई में देश कुल 4,42,013 गैर-वाणिज्यिक वाहन बिके. यह अप्रैल की 12,70,458 इकाई की तुलना में 65.21 प्रतिशत कम है. इस दौरान निर्यात भी 5,20,289 इकाई से घटकर 4,35,471 इकाई रह गया. वहीं यात्री वाहनों की बिक्री 66.35 प्रतिशत घटकर 88,045 इकाई ही रह गई. बता दें कि इनमें भी कारों की बिक्री 70.58 प्रतिशत कम होकर 41,536 इकाई पर आ गई. टू व्हीलर्स की बिक्री और भी हुई कम बता दें कि कोरोना की पहली लहर के दौरान लगाए गये लॉकडाउन के बाद भी टू व्हीलर्स की बिक्री में कुछ खास कमी नहीं आई था. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के दौरान टू व्हीलर्स की बिक्री में काफी असर पड़ा. सिर्फ मई की बात करें तो यब बिक्री 64.55 फीसदी से घटकर 3,52,717 इकाई रह गई. इनमें सबसे ज्यादा असर मोटरसाइकिल कंपन्नियों को हुआ. मोटरसाइकिल की बिक्री 55.79 प्रतिशत घटकर 2,95,257 इकाई और टू व्हीलर्स की 96.21 प्रतिशत घटकर 31 इकाई पर आ गई. इसे भी पढें-‘एकला चलो‘ नहीं ‘धीमे चलों’ की नीति पर दीदी:… Continue reading Corona Impact: वाहनों की बिक्री में देखी गई रिकार्ड गिरावट, टू व्हीलर्स का ग्राफ तो 96.21 प्रतिशत तक घटा…

WORLD OCEAN DAY 2021: आज दुनियाभर में मनाया जा रहा है विश्व महासागर दिवस, जानें इसकी थीम और समुंद्र में रहने वाले अजीब जानवरों के बारें में..

WORLD OCEAN DAY 2021: आज विश्व भर में महासागर दिवस मनाय़ा जा रहा है। महासागर दिवस मनाने का एकमात्र उद्देश्य यह है कि लोगों में महासागर के प्रति जागरूकता फैलाना। लोग हर साल अपनी वैकेशन्स के लिए BEACH पर जाते है और वहां गंदगी फैला देते है। और उसे साफ करने का भी कोई नाम नहीं है। महासागर दिवस मनाने का एक उद्देश्य यह भी है कि लोग जान सकें कि महासागर हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण है। इससे हमें अत्यंत महत्वपूर्ण सामग्री प्राप्त होती है। अगर यह हमारे मनोरंजन का एक साधन है तो इससे हमें अनेक औषधियां भी मिलती है। महासगरों से हमें कई तरह की दवाइयां मिलती हैं जिसमें कैंसर तक की दवाइयां शामिल हैं। इसलिए सभी लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वह महासागर के अस्तित्व को बनाए रखने और इनके सरंक्षण में अपना योगदान दें। समुंद्र में अनकों अजीबगरीब जीव रहते है जिन्हें कभी देखा भी नहीं होगा और ना ही सुना होगा। व्हेल मछली के बारे में सब ही जानते है कुछ लोगों ने उसे देखा भी होगा लेकिन आज हम बात करेंगे समुंद्र में रहने वाले ऐसे जीवों के बारे में जिन्हे देखर आश्चर्य में पड़ जाएगें। also read: India V Sri Lanka क्रिकेट घमासान!… Continue reading WORLD OCEAN DAY 2021: आज दुनियाभर में मनाया जा रहा है विश्व महासागर दिवस, जानें इसकी थीम और समुंद्र में रहने वाले अजीब जानवरों के बारें में..

‘फ्लाइंग सिख’ Milkha Singh की तबीयत फिर बिगड़ी, Oxygen लेवल गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली । भारत के महान धावक मिल्खा सिंह (Milkha Singh) की तबीयत एक बार फिर से बिगड़ गई है. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कोरोना (Corona) को मात देने के बाद मिल्खा सिंह वापस घर लौट आए थे, लेकिन चार दिन बाद एक बार फिर मिल्खा सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मिल्खा सिंह का ऑक्सीजन लेवल (Oxygen Level) गिर गया है और उन्हें चंडीगढ़ के PGIMER अस्पताल में गुरुवार को भर्ती कराया गया. मिल्खा के बेटे और गोल्फर जीव मिल्खा सिंह (Jeev Milkha Singh) ने इस खबर की पुष्टि करते हुए पिता के आईसीयू में होने की बात कही है. फिलहाल उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. ये भी पढ़ें:- Rajasthan में मौतों के आंकड़ों में तेजी से गिरावट, लेकिन 24 घंटे में Jaipur में फिर बढ़े नए Corona संक्रमित पत्नी भी कोरोना पाॅजिटिव, अस्पताल में भर्ती इससे पहले कोरोना पाॅजिटिव आने के बाद 24 मई को मिल्खा सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जब वे अस्पताल में 6 दिन भर्ती रहे थे. तबीयत में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था. मिल्खा सिंह 19 मई को कोरोना पाॅजिटिव पाए गए थे.… Continue reading ‘फ्लाइंग सिख’ Milkha Singh की तबीयत फिर बिगड़ी, Oxygen लेवल गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती

कार्रवाई तो ठीक, लेकिन..

बलरामपुर की ये घटना भी कम मार्मिक नहीं है। बेशक ऐसे कानूनी प्रावधान होंगे, जिनके तहत नदी में शव फेंकना अपराध होगा। लेकिन कोरोना काल में आखिर क्यों बड़े पैमाने पर लोगों ने अपने प्रियजनों के शव नदियों में फेंके, एक संवेदनशील सरकार से इस पहलू पर गौर करने की अपेक्षा होती। यह भी पढ़ें: नेता बदलेगा, नीति नहीं उत्तर प्रदेश सरकार गिरफ्तारी और डंडे की जुबान बेहतर जानती है, यह तो अब तक सबको मालूम हो चुका है। लेकिन कोरोना काल में भी तमाम मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख कर सिर्फ इसी तरीके से काम चलाया जाएगा, यह इस सरकार के कट्टर विरोधियों के लिए भी पहले मानना मुश्किल था। लेकिन जिस तरह ऑक्सीजन की कमी बताने वालों पर पिछले दिनों कार्रवाई हुई, उसके बाद कई लोगों की राय बदली। अब बलरामपुर की ये घटना भी कम मार्मिक नहीं है। बेशक ऐसे कानूनी प्रावधान होंगे, जिनके तहत नदी में शव फेंकना अपराध होगा। लेकिन कोरोना काल में आखिर क्यों बड़े पैमाने पर लोगों ने अपने प्रियजनों के शव नदियों में फेंके, एक संवेदनशील और मानवीय सरकार से इस पहलू पर गौर करने की अपेक्षा होती। लेकिन जब मौजूदा सरकार के वैचारिक गुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से… Continue reading कार्रवाई तो ठीक, लेकिन..

कोरोना की तीसरी लहर में एक दिन में आ सकते है 45,000 केस,944 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है-IIT की Delhi सरकार को चेतावनी

New Delhi | कोरोना की दूसरी लहर ने भारत को ऐसे-ऐसे मंजर दिखाये है जिसकी कभी कलपना भी नहीं की जा सकती थी। ऐसे में वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर आने का अंदेशा दे दिया है। भारत में कोरोना की तीसरी लहर आना तय है और तीसरी लहर में दूरी लहर से दोगुने मामले आएंगे। IIT कानपुर के वैज्ञानिकों की ओर से तीसरी लहर की चेतावनी के बाद अब IIT दिल्‍ली की ओर से कोरोना की तीसरी लहर को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई है, जो काफी चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट में यह कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर में एक दिन में 45,000 मामले दर्ज होंग।हालत इतना गंभीर होगी कि 9000 मरीज रोजाना अस्पताल में भर्ती होंगे। दूसरी लहर के मुकाबले 30-60 फीसदी तक ज्‍यादा मामले देखने को मिल सकते हैं जो एक बड़ी संख्‍या है। इसके लिए दिल्ली सरकार को पुरी तैयारी कर लेनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि  दिल्ली को कोरोना के सबसे बुरे दौर से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। यह रिपोर्ट कोरोना की तीसरी लहर को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जमा कराई गई है। इसे भी पढ़ें वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी कोरोना के नए-नए वैरिएंट को जन्म देगी-… Continue reading कोरोना की तीसरी लहर में एक दिन में आ सकते है 45,000 केस,944 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है-IIT की Delhi सरकार को चेतावनी

इसे कहते हैं सितारा..डांस से इंडिया का दिल जीतने वाले राघव जुयाल अपने गांव में लोगों की बचा रहे जिंदगियां

UTTARAKHAND: जन्मभूमि ने पुकारा तो बॉलीवुड की चकाचौंध से छोड़कर राघव अपने गांव उत्तराखंड पहुंच गये। मास्क से लेकर ऑक्सीजन तक लोगो के लिए उपलब्ध करवा रहे है। अपनी बेमिसाल डांसिग से लोगो के दिलों में राज करने वाले राघव जुयाल इन दिनों लोगों की जिंदगिया बचाने में जी-जान से लगे है। राघव अपनी मातृभूमि के लोगों को बचाने में लगे है।पूरे उत्तराखंड में कोरोना से लड़ रहे लोगों की मदद राघव कर रहे है। राघव पिछले 15 दिनों से सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। वे लोगों से उत्तराखंड को बचाने की अपील कर रहे है। राघव ने रोते हुए सेव UK की एक वीडियो भी अपलोड की है। कुंभ के बाद से उतंराखंड में कोरोना आग की तरह फैला है। जिसके बाद लोग संक्रमित मिल रहे है। बढ़ते कोरोना से ऑक्सीजन की कमी हो गई है जो शहरी इलाकों में ही पूरी नहीं हो पा रही है। जिन लोगों को ऑक्सीजन, दवाइयां की कमी हो रही है राघवव उनकी कमी पूरी कर रहे है। गांव वालों के पास सभी सुविधाए पहुंचा रहे है। पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं ना के बराबर होती है। कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो तो उसे शहर ले जाना पड़ता है… Continue reading इसे कहते हैं सितारा..डांस से इंडिया का दिल जीतने वाले राघव जुयाल अपने गांव में लोगों की बचा रहे जिंदगियां

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