Pathetic India

  • पैथेटिक भारत, बेचारे लोग!

    मैं शनिवार शाम एक शादी समारोह में था। लोगों को सुनते-देखते हुए मौके की फील ले रहा था। तभी एक रिटायर अफसर ने पूछा- कुछ खबर है, मोदीजी ने आठ बजे क्या कहा? अब मैं न भाषण सुनता हूं और न सोशल मीडिया देखता हूं, सो बेखबर था। पर स्वयंस्फूर्त मैंने कहा, क्या कहेंगे? कहा होगा, देखो, नारी वंदन बिल को विपक्ष ने पास नहीं होने दिया! और वही था। सोचें, भारत, भारत का प्रधानमंत्री, लोकशासन और लोकव्यवहार कब इतना प्रीडिक्टेबल था जितना आज है! क्योंकि भारत आज वह देश है, जिसके जीने में धोखे, झूठ के अलावा कुछ भी...