Presidential Reference

  • केंद्र ने जो चाहा!

    सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने व्यवस्था दी है कि राज्यपाल के विधेयकों को लटकाए रखने जैसे मामलों को कोर्ट में नहीं लाया जा सकता। कोर्ट ने ऐसा करने को शक्तियों के विभाजन की संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ करार दिया है। विधानसभा से पारित विधेयकों को मंजूरी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को पलट दिया है। बल्कि उससे भी आगे जाते हुए जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने व्यवस्था दे दी कि राज्यपाल के विधेयकों को लटकाए रखने जैसे मामलों को कोर्ट में नहीं लाया जा सकता। कोर्ट ने ऐसा करने को शक्तियों...