राजभवनों की क्या सक्रियता कम होगी?
पता नहीं लोकतांत्रिक गणतंत्र भारत संविधान आधारित संसदीय प्रणाली की शासन व्यवस्था की हिप्पोक्रेसीज यानी दोहरे रवैए से कब मुक्त होगा? कब यह कहना बंद किया जाएगा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग दल निरपेक्ष होते हैं और संविधान के हिसाब से काम करते हैं। कब यह कहना बंद होगा कि राष्ट्रपति तटस्थ होता है और पक्ष-विपक्ष दोनों उसके लिए बराबर होते हैं या कब यह कहना बंद किया जाएगा राज्यपाल दल निरपेक्ष होते हैं या लोकसभा के स्पीकर व राज्यसभा के सभापति और विधानसभाओं के स्पीकर पार्टी से ऊपर होते हैं? जिस दिन यह हिप्पोक्रेसी समाप्त हो जाएगी उस...