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बिहार से बनेंगे सबसे ज्यादा मंत्री!

पता नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार में विस्तार कब करेंगे, लेकिन जब भी करेंगे तो संभव है कि बिहार से सबसे ज्यादा मंत्री बनेंगे। भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों से जुड़े जानकार नेताओं ने कैबिनेट विस्तार की नई तारीख बताई है। कहा जा रहा है कि 24 या 25 जून को कैबिनेट विस्तार होगा और उसी हिसाब से बिहार के नेता शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि अभी कुछ भी तय नहीं है। यह भी पढ़ें: लोजपा का नेता कौन- चिराग या पारस? जनता दल यू को सरकार में जगह मिलेगी या नहीं और  मिलेगी तो कितने मंत्रियों का कोटा तय होगा यह तय नहीं है पर जदयू से तीन नेता तैयारी में हैं। इसी तरह भाजपा से कम से कम दो और चिराग पासवान से अलग होकर बने लोजपा गुट से एक नेता मंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: सपा का तालमेल छोटी पार्टियों के साथ नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू ने 30 मई 2019 को भी तीन मंत्री पद की मांग की थी और अब भी कहा जा रहा है कि जदयू की मांग तीन मंत्री पद की है। अगर इस पर सहमति बनती है तो… Continue reading बिहार से बनेंगे सबसे ज्यादा मंत्री!

जदयू की दबाव की राजनीति

केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के साथ ही भाजपा की सहयोगी पार्टियों ने दबाव की राजनीति शुरू कर दी है। अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल और जननायक जनता पार्टी के दुष्यंत चौटाला ने अमित शाह से मुलाकात की। भाजपा की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी सहयोगी जनता दल यू ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में पार्टी के नेता आरसीपी सिंह ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सरकार का विस्तार होने वाला है और सभी सहयोगियों को सम्मानजनक तरीके से भागीदारी मिलनी चाहिए। यह भी पढ़ें: भारत-चीन का कारोबार डेढ़ गुना बढ़ा ध्यान रहे दो साल पहले भी जनता दल यू इसी सम्मानजनक भागीदारी की मांग की वजह से सरकार से बाहर रह गई थी। उस समय हालांकि आरसीपी सिंह को प्रधानमंत्री के यहां से फोन आ गया था और वे मंत्री बनने की तैयारी में थे पर दूसरे नेताओं ने सम्मानजनक भागीदारी का मसला उठाया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सिर्फ एक मंत्री बनाना उनको कबूल नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रतीकात्मक भागीदारी नहीं चाहिए, बल्कि सांसदों की संख्या के अनुपात में उनकी पार्टी से मंत्री बनाया जाना चाहिए। उनकी इस मांग की… Continue reading जदयू की दबाव की राजनीति

नीतीश क्या भाजपा का सीएम बनने देंगे?

बिहार में अचानक यह क्या राजनीति शुरू हो गई? नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि वे चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे और उन्होंने भाजपा से यह भी कहा था कि वह अपना मुख्यमंत्री बना ले

बिहार : नीतीश ने सीपी सिंह को अध्यक्ष बनाकर खेला नया सियासी दांव!

बिहार में अब तक जनता दल (युनाइटेड) के सर्वेसर्वा माने जाने वाले नीतीश कुमार ने अपने सबसे विश्वासपात्र आर सी पी सिंह को पार्टी की कमान सौंपकर इतना तो तय कर ही दिया है

नीतीश ने आरसीपी को सौंपी की कमान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी जनता दल यू की कमान अपने करीबी नेता, राज्यसभा सांसद और पूर्व आईएएस अधिकारी रामचंद्र प्रसाद सिंह को सौंप दी है।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए आरसीपी सिंह

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वस्त और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी आरसीपी सिंह को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।

क्या नीतीश से नाराज हैं आरसीपी सिंह?

बिहार में नीतीश कुमार के नंबर एक सिपहसालार राम चंद्र प्रसाद सिंह यानी आरसीपी सिंह हैं। बिहार में चुनावी तैयारी तेज हो गई है और आरसीपी कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। हालांकि वे पहले भी परदे के पीछे काम करते थे और दिखते कम थे पर पिछले तीन साल से वे खुल कर राजनीति कर रहे हैं।

जदयू क्या सरकार में शामिल होगी?

भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी जनता दल यू इस बार सरकार में शामिल हो सकती है। पिछली बार सांकेतिक प्रतिनिधित्व दिए जाने का विरोध करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी को सरकार में नहीं शामिल होने दिया था।

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