ये थाली किसकी चिंता?
महंगाई बढ़ने और उसके अनुरूप आमदनी ना बढ़ने पर पहली कोशिश भोजन को अप्रभावित रखने की होती है। जब भारत में बहुत से लोग थाली में भी कटौती करने पर मजबूर हैं, तब बाकी उपभोग पर उसकी मार पड़ना लाजिमी है। मार्केट रेटिंग फर्म क्राइसिल की थाली की लागत के बारे में ताजा रिपोर्ट फिर से इस हकीकत पर रोशनी डालती है कि भारत में आम इनसान की जिंदगी कितनी मुहाल होती जा रही है। क्राइसिल का ताजा अनुमान है कि सिर्फ एक महीने- अक्टूबर में शाकाहारी थाली की औसत लागत 20 प्रतिशत बढ़ी। बढ़ोतरी का ये सिलसिला लंबा हो...