भारत-चीन संबंध बहुत खराब दौर में

विदेश मंत्री ने कहा- हम, हमारे संबंधों में विशेष तौर पर खराब दौर से गुजर रहे हैं क्योंकि उन्होंने समझौतों का उल्लंघन करते हुए कुछ ऐसे कदम उठाए हैंI

ब्रिटेन की यात्रा के दौरान होना पड़ सकता है क्वारंटीन, Covishield को मान्यता नहीं देने पर भारत ने जताया कड़ा ऐतराज

ब्रिटेन में अगले महीने चार अक्टूबर से प्रभावी होने वाले नए नियमों के अनुसार विभिन्न देशों के टीकों को लेकर जारी विस्तृत सूची में भारतीय टीकों को मान्यता (India Strict on Covishield) नहीं दी गई है।

रूस और ईरान के नेताओं से मिले जयशंकर

गौरतलब है कि दुशांबे में एससीओ की बैठकर हाइब्रीड मोड में हो रही है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए कई नेता दुशांबे पहुंचे हैं।

PM नरेन्द्र मोदी और PAK पीएम इमरान खान आज होंगे आमने-सामने, SCO बैठक में उठेगा आतंकवाद का मुद्दा!

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi जहां इस बैठक को वर्चुअली संबोधित करेंगे, वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) इसमें होने शामिल होने के लिए दो दिवसीय दौरे पर तजाकिस्तान गए हैं।

एससीओ की बैठक में आज शामिल होंगे मोदी

शंघाई सहयोग संगठन, एससीओ की अहम बैठक शुक्रवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल तरीके से इस बैठक में शामिल होंगे।

जयशंकर ने यूएन में उठाया अफगानिस्तान का मुद्दा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद यहां संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस सहित अन्य नेताओं के साथ दोपक्षीय बैठकों में काबुल में स्थिति पर चर्चा की।

जयशंकर के रहते भला पुरी क्यों ?

तो क्या माना जाए कि विदेश मंत्री के तौर पर एस जयशंकर प्रधानमंत्री की उम्मीदों के मुताबिक काम नहीं कर पा रहे हैं? अगर ऐसा नहीं है तो फिर जयशंकर के रहते हरदीप सिंह पुरी की क्या जरूरत पड़ गई?

चीन का विशेषज्ञ होने का क्या फायदा!

एस जयशंकर चीन के विशेषज्ञ माने जाते हैं। प्रधानमंत्री खुद भी चीन के बारे में बहुत जानते हैं।  आखिर वे चीन का सबसे ज्यादा बार दौरा करने वाले देश के मुख्यमंत्री रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने चीन के शी जिनफिंग प्रशासन से बहुत अच्छे संबंध रखे।

चीन ने जताई बातचीत की जरूरत

wang yi s jaishankar | बीजिंग। भारत ने चीन को संदेश दिया है कि पूर्वी लद्दाख में मौजूदा स्थिति के लंबे समय तक बने रहने के कारण द्विपक्षीय संबंध स्पष्ट रूप से ‘‘नकारात्मक तरीके’’ से प्रभावित हो रहे हैं। इसके जवाब में चीन ने कहा हैं कि वह उन मामलों का ‘‘आपस में स्वीकार्य समाधान’’ खोजने के लिए तैयार है, जिन्हें वार्ता के जरिए ‘‘तुरंत सुलझाए’’ जाने की आवश्यकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के एक सम्मेलन के इतर एक घंटे तक चली बैठक के दौरान अपने चीनी सक्ष वांग यी से ) wang yi s jaishankar ) कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति में कोई भी एकतरफा बदलाव भारत को ‘स्वीकार्य नहीं’ है और पूर्वी लद्दाख में शांति की पूर्ण बहाली के बाद ही संबंध समग्र रूप से विकसित हो सकते हैं। Read also: JEE Main 2021 परीक्षा को लेकर बड़ी खबर, चौथे चरण की परीक्षा स्थगित, अब इस तारीख को होगी पिछले साल मई के बाद से जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए की गई सैन्य एवं राजनीतिक वार्ताओं के बाद फरवरी में पैंगोंग झील क्षेत्रों से दोनों सेनाओं ने अपने हथियार एवं बल पीछे हटा लिए थे। चीन के… Continue reading चीन ने जताई बातचीत की जरूरत

सरकार की तो कोई गलती ही नहीं!

पूरे देश में कोरोना वायरस की महामारी फैली है, सारी दुनिया इस बात को देख रही है और किसी न किसी तरह से भारत की मदद कर रही है। पर भारत सरकार यह साबित करने में लगी है कि इसमें सरकार की कोई गलती नहीं है। सरकार यह मान रही है कि गलतियां हुई हैं, जिनकी वजह से कोरोना का संक्रमण देश में महामारी का रूप ले चुका है, लेकिन वो गलतियां सरकार की नहीं हैं। दूसरे लोगों ने गलती की, जिसकी वजह से सरकार कोरोना वायरस की महामारी को नहीं संभाल पाई है। देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत को हर तरह की मदद दे रहे जी-सात देशों के विदेश मंत्रियों के सामने यह बात कही कि भारत सरकार की कोई गलती नहीं है। जी-सात देशों के मंत्रियों ने कोरोना वायरस की महामारी के दौरान चुनावी रैलियों का मुद्दा उठाया तो उस पर जयशंकर ने कहा है कि इस पर सवाल नहीं किया जा सकता है क्योंकि भारत में चुनाव एक पवित्र कार्य है और भारत का समाज अपनी मूल प्रवृत्ति में राजनीतिक समाज है इसलिए चुनाव होना और चुनाव के दौरान रैलियां होना जायज है। यानी प्रधानमंत्री और देश के गृह मंत्री ने जो बड़ी बड़ी… Continue reading सरकार की तो कोई गलती ही नहीं!

फ्रांस के मंत्री से क्यों नहीं मिले मोदी?

भारत के दौरे पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां वेस ला द्रां के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात बुधवार को होने वाली थी। लेकिन यह बैठक टाल दी गई। फ्रांसीसी विदेश मंत्री की विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात हुई और दोनों ने सभी दोपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। लेकिन प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। कहा गया कि प्रधानमंत्री कोरोना वायरस से निपटने की रणनीति और उससे जुड़े दूसरे मसलों पर बैठकों में व्यस्त हैं इसलिए यह मीटिंग टाल दी गई। लेकिन क्या सचमुच प्रधानमंत्री कोरोना से निपटने की रणनीति बनाने की वजह से फ्रांसीसी मंत्री से नहीं मिले? वे तो पूरा दिन पश्चिम बंगाल की चुनावी रैलियों में बिता दे रहे हैं तो फ्रांस के विदेश मंत्री से मिलने के लिए आधे घंटे का समय निकालने में क्या दिक्कत थी? कहीं ऐसा तो नहीं है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री की मुलाकात टाली गई? ध्यान रहे प्रधानमंत्री की सारी बैठकें वर्चुअल हो रही हैं इसलिए हो सकता है कि उनके कार्यालय ने आमने-सामने की मीटिंग टालने का फैसला किया हो। हालांकि कोरोना के खतरे की संभावना को दूर करने के लिए विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने अपना… Continue reading फ्रांस के मंत्री से क्यों नहीं मिले मोदी?

भारत-रूसः हमें हुआ क्या है ?

रूसी विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव और भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के बीच हुई बातचीत के जो अंश प्रकाशित हुए हैं और उन दोनों ने अपनी पत्रकार-परिषद में जो कुछ कहा है, अगर उसकी गहराई में उतरें तो आपको थोड़ा-बहुत आनंद जरुर होगा लेकिन आप दुखी हुए बिना भी नहीं रहेंगे। आनंद इस बात से होगा कि रूस से हम एस-400 प्रक्षेपास्त्र खरीद रहे हैं, वह खरीद अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद जारी रहेगी। रूस भारत से साढ़े सात करोड़ कोरोना-टीके खरीदेगा। यद्यपि इधर भारत ने रूसी हथियार की खरीद लगभग 33 प्रतिशत घटा दी है लेकिन लावरोव ने भरोसा दिलाया है कि अब रूस भारत को नवीनतम हथियार-निर्माण में पूर्ण सहयोग करेगा। उत्तर-दक्षिण महापथ याने ईरान और मध्य एशिया होकर रूस तक आने-जाने का बरामदा और चेन्नई-व्लादिवस्तोक जलमार्ग तैयार करने में भी रूस ने रूचि दिखाई है। लावरोव ने भारत-रूस सामरिक और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के भी संकेत दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत किसी भी देश के साथ अपने संबंध घनिष्ट बनाने के लिए स्वतंत्र है। उनका इशारा इधर भारत और अमेरिका की बढ़ती हुई घनिष्टता की तरफ रहा होगा लेकिन उन्होंने कई ऐसी बातें भी कही हैं, जिन पर आप थोड़ी गंभीरता से सोचें तो… Continue reading भारत-रूसः हमें हुआ क्या है ?

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