kishori-yojna
लाइव ऑनलाइन वर्कशॉप शानदार पहल : गोपीचंद

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण लगे लॉकडाउन के चलते सभी खिलाड़ी घरों में ही रह रहे हैं, ऐसे में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के विशेषज्ञों के साथ मिलकर लाइव ऑनलाइन वर्कशॉप शुरू किया है, ताकि खिलाड़ी किसी तरह व्यस्त रहें। इस वर्कशॉप को खेल मंत्री किरण रिजिजू ने अपने ट्विटर पर लांच किया था। यह वर्कशॉप सुबह 11 बजे हर दिन साई के सोशल मीडिया पर चालू की जाएगी। इसका पहला सत्र शुक्रवार को चालू किया गया, जिसमें फिजियोथैरेपिस्ट निखिल लाटे ने खिलाड़ियों को घर में रहकर ट्रेनिंग करने के तरीके सुझाए। इसके बाद खिलाड़ियों के पोषण आहार को लेकर भी सत्र आयोजित किया गया। इनके अलावा राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद, भारतीय हॉकी टीम के कप्तान विरेन रसकिन्हा और सीनियर खेल पत्रकार शारदा उगरा ने अपने विचार साझा किए। सत्र पर ओलम्पियन पूजा ढांडा ने कहा यह सत्र काफी जानकारी वाला रहा। इससे मुझे घर पर रहकर अलग तरह से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। वहीं गोपीचंद ने कहा यह साई की शानदार पहल है। इस मुश्किल समय में यह जरूरी है कि हर कोई अपने आप को शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रखे और समय बिताने के बेहतर तरीके निकाले।

रिजिजू का फिट रहने का अनुरोध, एथलीटों ने किया समर्थन

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) इस बीच फिट इंडिया मूवमेंट का बढ़ावा देने का काम कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने लॉकडाउन के दौरान लोगों को घरों पर रहने और फिट रहने का अनुरोध किया है और इसके लिए उन्होंने लोगों से रस्सी कूद व्यायाम करने का भी अनुरोध किया है। रिजिजू ने सामाजिक दूरी बनाने के लिए लोगों से घरों पर इस तरह का एक्सरसाइज करने की अपील की है। रिजिजू की इस अपील को अधिकतर भारतीय एथलीटों ने गंभीरता से लिया है। इन एथलीटों ने सोशल मीडिया पर अपने-अपने वीडियो पोस्ट किए हैं, जिसमें वह फिट रहने के लिए रस्सी कूद रहे हैं। भारतीय पहलवान बजरंग पुनिया ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह करीब दो से तीन मिनट तक रस्सी कूद का अभ्यास कर रहे हैं और फिट इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लोगों से भी ऐसा ही करने को कह रहे हैं। महिला निशानेबाज अंजुम मोदगिल ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह रस्सी कूद रही हैं। उनके अलावा एम सी मैरी कॉम, अमित पंघल, जेरेमी लालरिंगुआ, मिराबाई चानू और ज्योति सुरेखा वानम।

साई ने कोरोनोवायरस को लेकर जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने बुधवार को कोरोना वायरस के कारण अपने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि खिलाड़ियों की सेहत प्राथमिकता है। सभी एनएसएफ को जारी अपनी चेतावनी में साई ने कहा है सरकार रैंकिंग टूर्नामेंट्स और ओलम्पिक क्वालीफायर की अहमियत को समझती है, लेकिन आप इस बात को समझेंगे कि खिलड़ियों का स्वास्थ्य अहम है। इसलिए हम सभी एनएसएफ से अपील करते हैं कि आप सभी विश्व स्वास्थ संगठन (डब्ल्यूएचओ) की गाइडलाइंस का पालन करें। सरकार ने सभी एनएसएफ से विदेशों में होने वाले टूर्नामेंट की प्लानिंग करने और विदेशों में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग की प्लानिंग करने को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। इससे पहले, अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने भी 19 फरवरी को इस संबंध में एडवाइजरी जारी की थी।

साई ने तीरंदाजों के रहने-खाने के इंतजाम का किया वादा

पुणे। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने शुक्रवार को वादा करते हुए कहा है कि वह शनिवार से शुरू हो रहे टोक्यो ओलम्पिक क्वालीफायर की ट्रायल्स के लिए तीरंदाजों के रहने और खाना-पीने का इंतजाम करेगी। साई ने एक बयान में कहा सरकार अपना समर्थन खिलाड़ियों को देगी और सेना खेल संस्थान (एएसआई) में होने वाली ट्रायल्स में हिस्सा लेने आ रहे पुरुष एवं महिला तीरंदाजों के रहने, खाने-पीने का इंतजाम करेगी जैसा की राष्ट्रीय कैम्प में हिस्सा लेने वालों के लिए किया जाता है। बयान के मुताबिक जो खिलाड़ी नेशनल कैम्प में या ट्रायल्स में हिस्सा ले रहे हैं उन्हें अपने रहने, खाने-पीने के लिए खर्चा करने की जरूरत नहीं है। इसे भी पढ़ें :  अंडर-19: कप्तान प्रियम के शतक से भारत मजबूत पहले ही तरह सरकार उनका खर्च उठाएगी। साई के इस बयान को खेल मंत्री किरण रिजिजू के ट्विटर हैंडल ने भी शेयर किया है। ऐसी खबरें थी कि तीरंदाजों को पुणे के एएसआई में चार जनवरी से होने वाली ट्रायल्स में अपना खर्च खुद उठाना होगा क्योंकि साई ने भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के निलंबित हो जाने के कारण कोई व्यवस्था नहीं की है।

और लोड करें