पेगासस-कांड को कैसे हल करें ?

पेगासस-जासूसी के मामले में हमारी सरकार ऐसी फंस गई है कि उसे कोई रास्ता ही नहीं सूझ रहा है। संसद का काम-काज लगभग ठप्प हो चुका है और संसद की तकनीकी सूचना समिति की जो बैठक उसके अध्यक्ष और कांग्रेसी सदस्य शशि थरुर ने बुलाई थी

पेगासस पर चर्चा नहीं कराएगी सरकार

संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा हफ्ता भी हंगामे की वजह से जाया हो गया। दूसरे हफ्ते के आखिरी कामकाजी दिन शुक्रवार को भी विपक्ष के सांसद पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा कराने की मांग करते रहे और इस मसले पर दोनों सदनों में हंगामा चलता रहा।

जासूसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई!

इजराइल के सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए जासूसी के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है। इस मामले में पहले वकील मनोहर लाल शर्मा ने एक याचिका दायर की थी

जासूसी मामला, ठप्प संसद

संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते के दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी विपक्षी पार्टियों ने संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी।

जासूसी के मुद्दे पर संसद में हंगामा

संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते की शुरुआत भी हंगामे के साथ हुई है। विपक्षी पार्टियों ने इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस से जासूसी का मुद्दा उठाया और हंगामा किया।

जासूसी मामला उठेगा संसद में

संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा हफ्ता सोमवार से शुरू होगा और पहले दिन विपक्षी पार्टियां इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए की हुई कथित जासूसी का मामला उठाएगा।

उफ! हिंदुओं की जासूसी, उन्हें भयाकुल बनाना

आप दुनिया में ढूंढे भी तो ऐसे किसी प्रजातंत्र को नहीं खोज पाएंगे, जहां बहुसंख्यक आबादी इतनी भयाकुल और डरी हुई बना दी गई है, जैसे भारत के हिंदुओं को बनाया गया है। भारत का हर समझदार, मायने रखने वाला भारतीय आज इस भय से जीता हुआ है कि फोन बदलते रहो।

इतनी जासूसी भला क्यों जरूरी है?

ऐसा क्यों है कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी, पत्रकार, वकील आपस में फोन पर बात करने से कतरा रहे हैं? क्यों जिससे फोन करें वह सिगनल या टेलीग्राम ऐप पर बात करना चाहता है? जिससे पता चलता है कि समभाव से सबकी जासूसी कराई गई है।

जांच तो निश्चित होनी चाहिए

यह मान कर शुरू करते हैं कि भारत सरकार ने इजराइल की संस्था एनएसओ से जासूसी का सॉफ्टवेयर पेगासस नहीं खरीदा है। भारत की किसी खुफिया या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसी ने भी यह सॉफ्टवेयर नहीं खरीदा है।

पेगासस टिप ऑफ आइसबर्ग है

भारत में फोन टेप कराने, सहयोगियों-विरोधियों की जासूसी कराने, अधिकारियों-पत्रकारों पर निगरानी कराने का पुराना इतिहास है। दशकों से सरकारें यह काम करती आ रही हैं।

कांग्रेस पर आरोप लगाने से क्या?

भाजपा बरसों तक विपक्ष में रहने की वजह से बनी विपक्षी मानसिकता के कारण ऐसा कर रही है, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत भाजपा और केंद्र सरकार दोनों अपने ऊपर लगे आरोपों या अपनी कमजोरियों को कांग्रेस के सर मढ़ने की राजनीति कर रही हैं।

Pegasus Spyware: संसदीय समिति में उठेगा पेगासस का मामला

संसद की सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय की संसदीय समिति में यह मुद्दा उठाया जाएगा और अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। इस संसदीय समिति के प्रमुख कांग्रेस नेता शशि थरूर हैं। थरूर ने 28 जुलाई को संसदीय समिति की बैठक बुलाई है, जिसमें इस मसले पर बातचीत होगी।

जासूसी का दूसरा पहलू

माना जाता था कि जो कुछ व्हाट्साप पर बोला जाता है, वह टेप नहीं किया जा सकता है। इसी प्रकार ई-मेल की कुछ सेवाओं के बारे में ऐसा ही विश्वास था लेकिन अब इस्राइल पेगासस-कांड ने यह भ्रम भी दूर कर दिया है। जो कुछ सेटेलाइट और सूक्ष्म केमरों से रिकार्ड किया जा सकता है, उससे भी ज्यादा पेगासस- जैसे संयंत्रों से किया जा सकता है।

जब दो कांस्टेबलों से जासूसी के आरोप पर भारत के प्रधानमंत्री ने दे दिया था इस्तीफा

USA निक्सन सरकार पर वाटरगेट मामले में जासूसी का आरोप साबित हुआ था। परन्तु भारत में जो सरकार गई, उस प्रकरण में तो केवल आरोप मात्र लगा। पीएम ने जांच करवाने को कहा। बजट सत्र के दौरान कांग्रेस आई वाकआउट कर गई। अल्पमत में आई सरकार ने इस्तीफा दे दिया।

Pegasus hacking : पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप, जासूसी का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की धमकी

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक सर्विलांस लिस्ट में भारत के एक हजार फोन नंबर और पाकिस्तान के एक सौ नंबरों को डाला गया था। स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर पेगासस इजराइली फर्म एनएसओ ग्रुप टेक्नोलॉजिज ने बनाया है। कंपनी को हैकिंग सॉफ्टवेयर बनाने में महारत हासिल है। उसका दावा है कि वह सिर्फ संप्रभु सरकारों को ही अपना सॉफ्टवेयर बेचती है।

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