नए नेताओं और पार्टियों के लिए मौका
देश की राजनीति इस समय एक बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रही है। यह दौर युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए उनके आक्रोश की अभिव्यक्ति का है। वे परिणामों से बेपरवाह होकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगें दोहरा रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर अर्धसैनिक बलों की परवाह नहीं की और न झारखंड में परवाह की है। बिहार में तो पुलिस का एक जवान एके 47 राइफल से गोलियां चला रहा था फिर भी छात्र मोर्चे पर डटे हुए थे। जाहिर है देश की पारंपरिक पार्टियों को यह परिघटना समझ में नहीं आ रही...