सब इन शंकराचार्य की गति को प्राप्त होंगे!
उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानमंद के साथ जो हो रहा है वह भारतीय समाज के अंदर पल रही एक बड़ी बीमारी का लक्षण है। वह बीमारी धार्मिक और सामाजिक विभाजन की है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ाया जा रहा है। यह पहली बार हो रहा है कि देश और समाज इस कदर निभाजित हुआ है। पहले समाज के स्तर पर विभाजन चुनावों के समय दिखते थे। हालांकि वह भी बहुत सीमित होता था। लेकिन आज स्थायी रूप से एक विभाजन दिखता है और दुर्भाग्य की बात यह है कि नेताओं के साथ साथ धर्मगुरु, आध्यामिक कार्यों में लगे...