शिक्षक अब पढ़ाने के लिए नहीं हैं
शिक्षक का मूल कार्य अध्ययन और अध्यापन है। भारत के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अध्ययन का काम पहले ही काफी हद तक छोड़ चुके थे और अब अध्यापन का काम भी नाममात्र का रह गया है। शिक्षक अब स्कूलों में पढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि पाठ्येत्तर कार्यों के लिए हैं। उनके ऊपर इतने कामों की जिम्मेदारी लाद दी गई है कि वे बच्चों को पढ़ाने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। सरकारी स्कूलों की शिक्षा का स्तर लगातार कम होता जा रहा है तो इसका एकमात्र कारण यह नहीं है कि शिक्षक अच्छे नहीं हैं या शिक्षकों...