हम इंसानों का जवाब नहीं!
पता नहीं ब्रह्माण्ड में मनुष्य (होमो सेपियन) जैसा कोई जीव है भी या नहीं। संभव है इसी सदी या अगली सदी में मालूम हो कि कहीं और भी ऐसे जीव हैं, जिनमें रावण जैसा अहंकार भी है तो राम जैसी विनम्रता भी! पृथ्वी जैसा ही एक विचित्र ग्रह। मनुष्य ने स्वर्ग-नर्क की कल्पनाएं गढ़ीं, देवताओं के लोक रचे। आकाश में अपने स्वर्ग-नर्क सोचे। जबकि अब साबित है कि अंतरिक्ष यान को ही पृथ्वी के कक्ष से चंद्रमा तक पहुंचने में जब पूरी शक्ति झोंक देनी पडती है, तो एक सांस की कथित आत्मा का पृथ्वी के कक्ष से पार के...