Trade

  • देश को कीमत बताइए

    अपेक्षित यह है कि सरकार खाड़ी, पश्चिम एशिया और रूस जैसे स्रोतों से एलपीजी की खरीदारी पर आने वाली लागत और अमेरिका से खरीदारी पर आने वाले खर्च का तुलनात्मक विवरण सार्वजनिक करे। देशवासियों को यह जानने का हक है। अमेरिका से 22 लाख टन रसोई गैस खरीदने के लिए हुए सौदे को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने ‘ऐतिहासिक’ करार बताया और कहा कि देश की जनता को ‘किफायती’ दर पर सप्लाई करने के मकसद से एलपीजी खरीदारी का एक नया स्रोत हासिल किया गया है। स्पष्टतः उन्होंने इसे नरेंद्र मोदी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश...

  • बात टैरिफ से आगे

    जब अमेरिका ने अपने यहां बाहरी कंपनियों की पहुंच सीमित या प्रतिबंधित करने की नीति अपना रखी है, भारत के प्रति उसके रुख को मुक्त बाजार की सोच के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। बल्कि इसे जोर-जबरदस्ती कहना ज्यादा ठीक होगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल संभवतः इसी महीने दोबारा अमेरिका जाएंगे। यह संकेत है कि उनकी इस हफ्ते खत्म हुई यात्रा कामयाब नहीं रही। खबरों के मुताबिक गोयल आयात शुल्क में कटौती का जो ऑफर लेकर गए थे, उसे अमेरिका ने अपर्याप्त माना। अब वाणिज्य मंत्री नए प्रस्ताव लेकर जाएंगे। संभवतः अमेरिका भारत में टैरिफ की दर शून्य करवाने पर...

  • चीन से आत्मनिर्भर भारत!

    दिवाली नजदीक है और सोशल मीडिया में मजाक है। पूछा जा रहा है कि चीनी की झालरों का विरोध करना है या नहीं? इस मजाक के पीछे की कहानी यह है कि कुछ समय पहले जब नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय क्षितिज पर आने के बाद राष्ट्रवाद का उफान चरम पर था, तब चीनी सामानों के विरोध का अभियान चला था। उसमें दिवाली के समय छोटी छोटी बत्तियों की लड़ियां यानी झालर, होली के समय पिचकारियां और मकर संक्रांति के समय पतंग और मांझे का विरोध सबसे ज्यादा होता था। ये सारी चीजें अब भी चीन से आती हैं। धीरे धीरे...