25 वर्षों का भारत चिट्ठा
इक्कीसवीं सदी के पहले पच्चीस वर्ष। ये ढाई दशक मानवता की अमूल्य, अविस्मरणीय अवधि के थे। इसमें मनुष्य के हाथों मनुष्य-समतुल्य कृत्रिम बुद्धि (एआई) बनी तो अंतरिक्ष-ब्रह्माण्ड को भेदने का इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना। तब पृथ्वी के सर्वाधिक आबादी वाले भारत में क्या बना? भीड़ और उसकी आवाजाही या कनेक्टिविटी का इंफ्रास्ट्रक्चर। फिर उसी से फैला बाज़ार! ध्यान रहे बीसवीं सदी के आख़िरी दशक में पीवी नरसिंह राव नाम का प्रधानमंत्री भारत को प्राप्त हुआ था। वह बुद्धि और दृष्टि लिए हुए था। सो, उन्होंने नौकरशाहों के समाजवाद (पूंजी, कोटा-परमिट) से भारत को मुक्त कराया। मंत्रालयों में पूंजी, उद्यम, पुरुषार्थ के...