वेदांता पर छापे की बिहारी व्याख्या
वेदांता समूह पर ईडी की छापे की कार्रवाई की ज्यादातर व्याख्या इस नजरिए से हो रही है कि उन्होंने जेपी समूह के अधिग्रहण को चुनौती दी थी। असल में पहले वेदांता समूह ने भी बोली लगाई थी और कीमत के लिहाज से उनकी बोली बड़ी थी। लेकिन बाद में एडवांस ज्यादा देने का वादा अडानी समूह ने किया और बोली उनको मिल गई। बाद में वेदांता समूह के मालिक अनिल अग्रवाल ने फैसले पर सवाल उठाया और उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दीं। हालांकि वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। तभी ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि अडानी समूह...