जय वाजपेयी का क्या रहस्य है?

यह नाम हो सकता है कि उत्तर प्रदेश से बाहर बहुत ज्यादा लोग नहीं जानते हों पर जिन लोगों ने भी कानपुर के गैंगेस्टर विकास दुबे के बारे में खबरें ध्यान से पढ़ी हैं

अपराध के ‘रक्तबीजों’ को आखिर सींचता कौन है…!

हमारे देश का मीडिया अजब-गजब है। एक मुद्दे को चबाते हुए पचा नहीं पाता कि उसकी उल्टी कर दूसरे की तरफ लपक पड़ता है। ड्रैगन को बैगन बनाकर भून ही रहा था कि बीच में दुर्दांत विकास दुबे आ गए

प्रियंका यूपी में हो रही मजबूत

कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ऐसा लग रहा है कि सचमुच उत्तर प्रदेश में मजबूत हो रही हैं। तभी राज्य में जातीय समीकरण तेजी से बदल रहा है और नेताओं की जुबान भी बदल रही है।

फालतू का जातिवादी रंग

जब मैंने पुलिस वालों की हत्या के बाद अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने की खबर पढ़ी तो मुझे लग रहा था कि उसके ब्राह्मण होने के कारण जातिवाद बाहुल्य हमारे देश में बहुत जल्दी ठाकुर बनाम ब्राह्मण के बीच जल्द विवाद पर सोशल मीडिया में चख-चख शुरू हो जाएगी।

पहले डाकूओं का समर्पण अब नेता बनते है!

महात्मा गांधी की गांधीवादी विरासत की आचार-विचार में पालना और भूदान कराने वाले विनोबा भावे ने एक वक्त डाकुओं के आत्मसमर्पण की कोशिश की थी। पुलिस चंबल क्षेत्र में डाकूओं से निपटने में तब नाकाम रहती थी।

सत्ता, समाज में जातिवाद का जहर!

उत्तर प्रदेश के गैंगेस्टर विकास दुबे प्रकरण ने राजनीति, प्रशासन और अपराधियों के गठजोड़ की भारत की उस ऐतिहासिक समस्या को जगजाहिर कर दिया है, जो जानते सब हैं और जो पहले भी सामने आती रही है

इस एनकाउंटर से कई जवाब मिले!

अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने की खबर ने मानो मेरे कई सवालों का जवाब दे दिया है। उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर शब्द उतना ही बातचीत व बोलचाल का शब्द बन गया है जितना कि देशभर में कोरोना या रेमडिसीवर।

पुलिस सुधारों की जरूरत किसी को नहीं

उत्तर प्रदेश के गैंगेस्टर विकास दुबे की घटना की बाद एक बार फिर देश में पुलिस सुधारों की चर्चा शुरू हुई है। पिछले कई दशकों से इस बारे में सिर्फ चर्चा हो रही है, सुधार नहीं हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के ही पुलिस प्रमुख रहे आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह ने 24 साल पहले 1996 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने पुलिस सुधारों के लिए सरकारों को निर्देश देने की अपील की थी। इसके एक दशक बाद 2006 में जस्टिस वाईके सबरवाल की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कई अहम निर्देश दिए थे पर किसी भी राज्य ने ईमानदारी से उन निर्देशों को लागू करने की जरूरत नहीं समझी है। बड़ी मुश्किल से यह नियम लागू हो पाया है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती नीयत समय के लिए की जाए। हालांकि इसमें भी सरकारें मनमानी करती रहती हैं। कानून व्यवस्था और अभियोजन के लिए अलग अलग काम करने वाले पुलिस बल के गठन की भी बात कही गई थी, जो अभी शायद ही कही लागू है। हर राज्य में एक सुरक्षा परिषद बनाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था पर उसे किसी राज्य ने लागू नहीं किया। सुरक्षा परिषद… Continue reading पुलिस सुधारों की जरूरत किसी को नहीं

हमारे सामने मौजूद यक्ष-प्रश्न

ये ऐसी घटना थी, जिसकी पटकथा सबको पहले से मालूम थी। विकास दुबे ने जब मध्य प्रदेश में समर्पण किया, उसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियों की भरमार लग गई कि अब उसे एनकाउंटर में मार डाला जाएगा। ऐसा अनुमान लगाने वाले सिर्फ विशेषज्ञ और पत्रकार नहीं थे

मर गया विकास मगर खौफ अभी जिंदा

दो दशकों से अधिक समय तक उत्तर प्रदेश में कानपुर के चौबेपुर और आसपास के क्षेत्र में आतंक का साम्राज्य स्थापित रखने वाला दुर्दांत हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे भले ही अतीत बन चुका

विकास दुबे का अंतिम संस्कार किया गया

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का आज कानपुर नगर के भैरव घाट विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

विकास की कोविड रिपोर्ट निगेटिव, पोस्टमार्टम के लिए हरी झंडी

मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। उसके शव को अब पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।

विकास की गिरफ्तारी ने खोली योगी सरकार की पोल: प्रियंका

उत्तर प्रदेश पुलिस के मोस्टवांटेड अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी पर तंज कसते हुये कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अलर्ट के बावजूद हिस्ट्रीशीटर का उज्जैन पहुंचना

सजा ऐसी दें कि हड्डियां कांपने लगें

कानपुर के गुंडे विकास दुबे को अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पाई है। उसने आठ पुलिसवालों की हत्या कर दी। पांच दिन से वह फरार है।

विकास दुबे मामले में दो अधिकारी गिरफ्तार

पिछले दिनों कानपुर के बिकरु गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को चौबेपुर थाने के प्रभारी विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।

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