खुल गया फ्लड गेट?
मुद्दा है कि प्राइवेट सेक्टर की एक कंपनी को सरकार ने बड़ी राहत दी, तो किस तर्क पर वह दूसरी कंपनियों को ऐसी राहत देने से इनकार कर सकती है? स्पष्टतः यह मुसीबत खुद केंद्र ने मोल ली है। केंद्र ने वोडोफोन आइडिया कंपनी को दो बार बेलआउट दिया। पहली बार उसमें 49 प्रतिशत हिस्सा खरीद कर और अभी हाल में उस पर बकाया रकम को चुकाने की अवधि में दस साल की छूट देकर। वोडाफोन आडिया पर एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) मद में लगभग 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। ऐसा बकाया अन्य कंपनियों पर भी...