कौन है 27 लाख 4,283 मतदाताओं के नरसंहार का दोषी? मोदी, चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट या विपक्ष?
विश्व इतिहास में, और खासकर लोकतांत्रिक देशों के इतिहास में ऐसे नरसंहार की कोई मिसाल नहीं है। इस नाते मई 2026 में ‘जीवित’ मतदाताओं को ‘मृत’, संदिग्ध दिखा, उन्हें डिलीट करके पश्चिम बंगाल में चुनाव होना लोकतंत्र का कलंक है। जबकि भारत अपने को न केवल गणतंत्र का जनक बताता है, बल्कि सबसे बड़ा लोकतंत्र भी कहता है। उसी लोकतंत्र का ताजा सत्य क्या है? 27 लाख 4,283 लोग सशरीर और मय कागज के जिंदा तथा वोट देने के अधिकारी थे और हैं। फिर भी इन जीवित मनुष्यों को कुएं में फेंक कर चुनाव हुए। हाल में लंदन की वैश्विक...