west bengal assembly election

  • पश्चिम बंगाल भी केसरिया रंग में

    सम्मिलित निष्कर्ष है कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और बंगाल के मतदाताओं ने परिवर्तन के लिए मतदान किया है। आजादी के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व की सोच वाली सरकार बनने की वास्तविक संभावनाएं सामने हैं। साथ ही 50 साल के बाद पहली बार केंद्र की विरोधी नहीं, बल्कि केंद्र के साथ समन्वय वाली सरकार बंगाल में बनती दिखाई दे रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का मतदान संपन्न होने के बाद आए एक्जिट पोल के आंकड़े भारतीय जनता पार्टी के चुनाव जीतने का अनुमान जाहिर कर रहे हैं। एक्जिट पोल के...

  • पर भौकाल मशीनरी ठंडी!

    भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने पहले राउंड के 92.38 प्रतिशत मतदान के बाद ढलते हुए सूरज का फोटो दिखाया है! सवाल है ममता बनर्जी का या बंगाल का या अपनी खुद की केंद्र सरकार का? सवाल इसलिए वजनदार है क्योंकि मतदान के बाद ममता का ऐलान है कि बंगाल जीतकर वे आगे दिल्ली जीतेंगी। राष्ट्रीय राजनीति में खेला होबे! पूरा देश घूमेंगी, पूरा देश हिलाएंगी! (Khela Hobe.. shake the entire nation)। सबसे बड़ी बात, अमित शाह का फोटो सोशल मीडिया में वायरल नहीं हुआ! यों मैं सोशल मीडिया से कोसों दूर हूं। बावजूद इसके भक्तों या विरोधियों के...

  • ओह, बंगाल! सभी टूट पड़े

    स्वतंत्र भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ। एक प्रदेश, एक मुख्यमंत्री और पूरी भारत सरकार, केंद्र की सभी संस्थाएं, राष्ट्रीय मीडिया सभी एक सुर में बंगाल, बंगाल का वह भौकाल बनाते हुए मानो विधानसभा चुनाव न हो, पानीपत की लड़ाई हो! भारत का प्रधानमंत्री, गृह मंत्री बंगाल पर टूट पड़ा, तो चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट मतदाताओं के दिल-दिमाग को झिंझोड़ते हुए। देश की संसद भी तड़का मारते हुए। राष्ट्रपति की भी कथा थी कि देखो, उनके साथ बंगाल में क्या होता है! सरकारी प्रोपेगेंडा, राष्ट्रीय मीडिया रत्ती भर पीछे नहीं! निशाने में कौन? एक बेचारी ममता बनर्जी और बेचारा...

  • घुसपैठ के जरिए तृणमूल बदल रही बंगाल की संस्कृति

    पुरुलिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर घुसपैठ के जरिए राज्य की भाषा और संस्कृति बदलने, आदिवासी क्षेत्रों की अनदेखी करने और ‘‘महाजंगलराज’’ चलाने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री मोदी ने पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले जंगलमहल क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक धार तेज करने की कोशिश की और चुनावी मुकाबले को ‘‘विकास बनाम तुष्टीकरण’’ की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा, ‘‘घुसपैठ के कारण बंगाल की भाषा और संस्कृति बदल रही है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की...

  • बंगाल इस बार बदलाव के लिए तैयार

    इसमें कोई संदेह नहीं है कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार के खिलाफ 15 साल की एंटी इन्कम्बैंसी है। इसे कम नहीं आंका जा सकता है। इन 15 वर्षों में आर्थिक व औद्योगिक गतिविधियां ठप्प हुई हैं। आर्थिक भ्रष्टाचार चरम पर है। केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और करोड़ों रुपए की जब्ती की तस्वीरों ने इस धारणा को मजबूत किया है। देश के दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश का चुनाव संपन्न हो गया है और पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के लिए मतदान होना है। इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव में पूरे देश की नजर पश्चिम...

  • बंगाल में सबकी पोल खुली

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर असमंजस के बादल छंट गए हैं। लेकिन चुनाव की तैयारी के क्रम में कई संस्थाओं की पोल खुली है। चुनाव आयोग एक्सपोज हुआ है, जिसने बाकी राज्यों के मुकाबले पश्चिम बंगाल में अलग तरह से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम कराया और बाद में सीधे तृणमूल कांग्रेस का नाम लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट की और हर किस्म की चुनावी गड़बड़ी के लिए सिर्फ एक पार्टी को दोषी ठहराया। सुप्रीम कोर्ट भी कहीं न कहीं कठघरे में है क्योंकि उसकी देख रेख में एसआईआर का काम हुआ और...

  • बंगाल चुनाव भी ध्यान में है

    महिला आरक्षण लागू करने की जल्दबाजी दिखा रही है कि केंद्र सरकार और भाजपा की नजर में पश्चिम बंगाल का चुनाव भी है। ध्यान रहे पश्चिम बंगाल मातृ शक्ति का वंदन करने वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद को इसके प्रतीक के तौर पर पेश करती हें। उन्होंने इस बार के विधानसभा चुनाव में महिला सशक्तिकरण का मैसेज देने के लिए ही महिला आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य का मुख्य सचिव बनाया था। हालांकि चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू होते ही उनको पद से हटा दिया। ममता बनर्जी चुनाव प्रचार में इसका मुद्दा बना रही हैं। ऐसा...

  • बंगाल चुनाव करवट बदल रहा है

    एक मार्च से ही केंद्रीय बलों की तैनाती हो रही है और 10 मार्च तक कुल 480 कंपनियों को पश्चिम बंगाल में तैनात किया जाएगा। इसका अर्थ है कि चुनाव की घोषणा होने और अधिसूचना जारी होने से पहले ही केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती हो जाएगी। जमीनी स्तर पर इसका कितना लाभ होगा यह नहीं कहा जा सकता है। लेकिन मनोवैज्ञानिक स्तर पर इसका दो तरह से लाभ है। पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक आने के साथ साथ मुकाबला भी नजदीकी होता जा रहा है। चुनाव आयोग की ओर से अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इसमें...

  • क्या हारती हुई बाजी लड़ रही हैं ममता दीदी?

    क्या 15 साल की एंटी इन्कम्बैंसी के कारण उनकी स्थिति कमजोर हुई है? ध्यान रहे ल़ड़ना, भिड़ना उनके स्वभाव का हिस्सा है और एक समय राज्य के लोगों ने इसे पसंद भी किया। लेकिन अब इसकी तीव्रता बढ़ती जा रही है। उनके स्वभाव की उग्रता का असर उनकी पूरी पार्टी के ऊपर दिख रहा है।... उनकी देखा देखी पार्टी के दूसरे नेता भी इसी भाषा और शैली का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे राजनीतिक मूल्यों का क्षरण होता है और पूरे देश की नजर में पश्चिम बंगाल की छवि खराब होती है। देश के जितने बड़े नेता हुए उन्होंने राजनीति...

और लोड करें