WTO

  • डब्लूटीओ पर घातक प्रहार

    अब नियम तय करने के मामले में भी मजबूत देश आम सहमति की परवाह नहीं कर रहे हैं। जो सहमत नहीं हैं, उनको छोड़कर आगे बढ़ने का नजरिया उन्होंने अपनाया है। डब्लूटीओ के ढांचे और उसकी भावना पर यह घातक प्रहार है। विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) की 14वीं मंत्रिस्तरीय बैठक में सीमा पार डिजिटल ट्रांसमिशन पर टैक्स लगाने पर रोक को जारी रखने के लिए अमेरिका ने अपना पूरा दम लगाया। लेकिन कुछ देशों के विरोध के कारण वह सफल नहीं हुआ। तो अब उसने एलान किया है कि वह उससे सहमत देशों के साथ अलग से समझौता करेगा। ऐसे...

  • भारत के खिलाफ डब्लुटीओ पहुंचा चीन

    नई दिल्ली। भारत में सबसे ज्यादा सामान चीन बेच रहा है। दोनों देशों के व्यापार का भारी घाटा भारत को उठाना पड़ता है। चीन के साथ व्यापार में भारत का सालाना घाटा एक सौ अरब डॉलर यानी करीब नौ लाख करोड़ रुपए का हो गया है। फिर भी चीन को भारत की सब्सिडी से इतनी समस्या है कि वह भारत की शिकायत लेकर विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लुटीओ में पहुंच गया है। चीन ने डब्लुटीओ में भारत की शिकायत करते हुए इस बात पर नाराजगी जताई है कि भारत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स यानी ईवी को बढ़ावा देने के लिए भारी सब्सिडी...