इक्कीसवीं सदी का चौथाई सफर पूरा
साल 2025 की समाप्ति के साथ ही 21वीं सदी का एक चौथाई सफर पूरा हो गया। सो, यह इस बात के आकलन का समय है कि गुजरे साल में और साथ ही गुजरे 25 सालों में भारत ने क्या हासिल किया। एक चौथाई सदी के नजरिए से नफा नुकसान का आकलन इसलिए जरूरी है क्योंकि दुनिया में शायद कोई देश ऐसा नहीं था, जो इतनी शिद्दत से 21वीं सदी में जाने का इंतजार कर रहा था। भारत ने 21वीं सदी में जाने और उसे अपना बनाने की तैयारी 1984 में राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के समय शुरू की थी।...