नई दिल्ली। पांच करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली कंपनियों को आगामी पहली अगस्त से बी2बी (b2b) लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक या ई-इन्वॉयस (e-invoicing) (चालान) निकालना होगा। अभी तक 10 करोड़ रुपये या अधिक के कारोबार वाली इकाइयों को बी2बी लेनदेन के लिए ई-चालान निकालना होता है।
वित्त मंत्रालय (finance ministry) की 10 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार, बी2बी लेनदेन के लिए ई-चालान निकालने की सीमा को 10 करोड़ रुपये से घटाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह व्यवस्था एक अगस्त से लागू होगी।
डेलॉयट इंडिया के भागीदार, अप्रत्यक्ष कर (indirect tax) – लीडर महेश जयसिंह ने कहा कि इस घोषणा के साथ ई-चालान के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) (msme) का दायरा बढ़ जाएगा और उन्हें ई-चालान लागू करने की आवश्यकता होगी।
एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि ई-चालान के चरणबद्ध क्रियान्वयन से अड़चनें कम हुई हैं, अनुपालन में सुधार हुआ है और राजस्व बढ़ा है। ई-चालान शुरू में 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली बड़ी कंपनियों के लिए लागू किया गया था और तीन साल के भीतर इस सीमा को घटाकर अब पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है। (भाषा)
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