रावण ही नहीं, हनुमान जी समेत रामायण 7 ऐसे सितारे है जो अब इस दुनिया में नहीं रहे – देखें…

शो में अभिनेता दारा सिंह ने हनुमान की भूमिका निभाई थी। 12 जुलाई 2012 को उनका निधन हो गया। शो में जनक की भूमिका निभाने वाले अभिनेता मूलराज राजदा का 23 सितंबर 2012 को निधन हो गया।

खुले बालों में चीखती-चिल्लाती महिलाएं, अजीब व्यवहार करते पुरुष, यहां के भूत मेले में दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग..

Bhoot Mela Ganga Ghat कानपुर | हमारे देश भारत में अंधविश्वास हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है. एक बार फिर से कानपुर की गंगा घाटों में अंधविश्वास का खेल देखने को मिला. आप भी इन तस्वीरों को देख कर चौक जाएंगे क्योंकि यहां आज भूतों और तांत्रिकों का मेला लगा. तस्वीरें भी ऐसी की देख कर ही रूह कांप जाए.  खुले बालों में चीखती-चिल्लाती महिलाएं हो या फिर अजीबोगरीब व्यवहार करते पुरुष. आखिर आज गंगा की घाटों में ये क्या हो रहा है? बता दें कि यह मेला पिछले कई 100 सालों से गंगा के घाटों में लगता है. यहां दूर-दूर से लोग अपनी भूत बाधा दूर करने पहुंचते हैं. तांत्रिकों से करनी होती है पहले से बात उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अपनी बेटी का भूत भगाने के लिए Bhoot Mela Ganga Ghat पहुंचे राम बल्लभ शर्मा ने बताया कि यह इतना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि इस काम के लिए तांत्रिकों से पहले से कॉटेक्ट में रहना पड़ता है. उन्होंने कहा कि तांत्रिक पहले से पूजा सामग्री की लिस्ट देते हैं जिसे लेकर आज के विशेष दिन यहां पहुंचना होता है. उन्होंने कहा कि मैंने यहां आए कई लोगों से सुना है कि इससे यहां भूत… Continue reading खुले बालों में चीखती-चिल्लाती महिलाएं, अजीब व्यवहार करते पुरुष, यहां के भूत मेले में दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग..

Facebook पर कौन रखता है आप पर नजर और देखता है आपकी प्रोफाइल फोटो, ऐसे करें पता…

नई दिल्ली |  यह नया जमाना सोशल मीडिया का ही है. आज के दौर में सोशल मीडिया के बिना एक दिन भी रहना मुश्किल है. ऐसे तो अपने देश को लोग कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रयोग करते हैं, लेकिन इनमें फेसबुक सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाला सोशल ऐप है. कुछ लोगों को हमेशा यह जानना जरूरी होता है कि कौन उनकी जासूसी कर रहा है. यहां जासूसी शब्द से हमारा मतलब है कि कौन-कौन हमारे फेसबुक प्रोफाइल को खोल कर देखता है. बता दें कि अगर आपको भी यह जानकारी चाहिए कि कौन आपके प्रोफाइल फोटो और अन्य डिटेल्स को आपकी फेसबुक पेज से खोल कर देखता है. तो यह जान पाना आपके लिए बहुत मुश्किल नहीं है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं आप कैसे पता लगा सकते हैं कि कौन आपके फेसबुक प्रोफाइल को चेक करता है… ऐसे कर सकते हैं पता सबसे पहले आप अपना फेसबुक एकाउंट कंप्यूटर या लैपटॉप पर लॉग इन करें. फेसबुक के खुलने के बाद माउस से राइट क्लिक करें. राइट क्लिक करने के बाद व्यू पेज सोर्स ऑप्शन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें. नए पेज ओपन होने के बाद CTRL+F दबा दें. ये करने के बाद राइड साइड… Continue reading Facebook पर कौन रखता है आप पर नजर और देखता है आपकी प्रोफाइल फोटो, ऐसे करें पता…

Corona Negligence:  भाई की शादी में खुद को नहीं रोक पायी महिला अधिकारी और लगी नाचने…. वीडियो वायरल होने के बाह अब कार्रवाई की तैयारी

महिला तहसीलदार अभी छुट्टी पर हैं. जब वह ड्यूटी पर आएंगी, तो उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा…

Death Mystery :  जानें,  मौत के उन 8 संकेतों को जो पहले ही कर देते हैं इशारा

इस दुनिया में कुछ भी हमेशा के लिए नहीं है. लोग मौत का नाम सुनते ही डरने लगते हैं. लेकिन ये वो सच्चाई है जिससे बचा नहीं जा सकता है. मौत को लेकर कई मान्यता है. वैज्ञानिकों में भी अक्सर इस विषय में मतभेद होता दिखाई देता है,  भारत में ज्योतिष शास्त्र को को मानने वालों के कोई कमी नहीं है. ऐसे में ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इंसानों के मौत आने से पहले उनके सामने कई प्रकार के संकेत मिलने शुरू हो जाते हैं.  मौत कब आएगी और किसको अपने साथ लेकर जाएगी इसका किसी को पता नहीं है. शास्त्रों के अनुसार हमारे जीवन में बहुत सारे ऐसे संकेत होते रहते है, जिन्हें लोग समझ नहीं पाते हैं.  आपको बता दें, कि शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती को मनुष्य की मृत्यु आने से पहले आने वाले संकेतों के बारे में बताया है.  जिसमें उन्होंने मृत्यु के 8 बड़े संकेतों की व्याख्या की है. यदि आपके जीवन में यहां बताए गए 8 संकेत कभी भी दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज ना करें. ऐसा होने पर तुरंत खुद को सचेत हो जाए. क्या आपको पता है, कि भगवान शिव शंकर ने माता पार्वती को मृत्यु के 8 कौन… Continue reading Death Mystery : जानें, मौत के उन 8 संकेतों को जो पहले ही कर देते हैं इशारा

Holi 2021: कोरोना से तो अभी प्रभावित , लेकिन देश के इन स्थानों में 100-150 सालों से नहीं मनायी गयी होली

होली भारत के प्रमुख त्यौहारों में से एक है. देशभर में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता रहा है. लेकिन इस बार कोरोना ने रंग में भंग डाल दिया है. देश के कई राज्यों में होली के पहले से ही धारा 144 लागू कर दी गयी है. इसके साथ ही राज्यों में इस बार सरकारें लोगों से बढ़ते सक्रंमण को देखते हुए सांकेतिक होली खेलने की अपील कर रही है. साथ ही भारत सरकार ने भी संपूर्ण देश में किसी भी प्रकार के सार्वजिनक आयोजन और सम्मेलन पर रोक लगा दी  है. जाहिर से बात है कि मस्ती के त्योहार होली में पाबंदियों के कारण इस बार होली का रंग  फीका रहने वाला है. लेकिन आपको बता दें कि भारत में कुछ गांव ऐसे भी है जहां पिछले कुछ 100-150 सालों से होली नहीं मनाई जा रही हैं. कहीं इसके पीछे मान्यता तो कहीं पौराणिक कहानियां होली के ना खेले जाने का कारण है. आइयें जाने भारत के इन गांवों में क्यों नहीं   मनती होली ….. देवी को पसंद नहीं है शोर-शराबा.. उत्तराखण्ड के रूद्रप्रयाग जिले में कुरझां और क्विली नाम के दो गांव हैं.  जहां करीब 150 साल से होली का त्योहार नहीं मनाया गया है.  यहां के स्थानीय… Continue reading Holi 2021: कोरोना से तो अभी प्रभावित , लेकिन देश के इन स्थानों में 100-150 सालों से नहीं मनायी गयी होली

Holi 2021: जानें, रंगीले राजस्थान में कहां-कैसे मनाते हैं होली, हर जगह है अलग परंपरा ……

Jaipur: होली देश के एक प्रमुख त्योहारों में शामिल है. देश में अलग-अलग तरीकों से होली खेली जाती है. होली के रंग धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन खोलकर भाई-चारे का संदेश देते हैं. इस दिन लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल कर एक दूसरे को गले लगते हैं. फाल्गुन मास की पूर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है. होली के साथ अनेक कथाएं जुड़ीं हैं. क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े राज्य और रंगीले राजस्थान में होली खेलने के लिए भी कई तरीके दिखाई देते हैं. आइए जानें राजस्थान में कहां कैसे होली खेली जाती है……. पुष्कर की कपड़ा फाड़ होली अजमेर के पुष्कर में कपड़ाफाड़ होली खेली जाती है. पुष्कर में सबसे अलग अंदाज में होली मनायी जाती है. इस आयोजन में सैकड़ो की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक होली का आनंद लेने यहां पहुचते हैं. कपड़ाफाड़ होली का आयोजन वराह घाट चौक चौराहे पर होता है. यहां पहुचने वाले पर्यटक डीजे के संगीत पर रंग-बिरंगी गुलाल उड़ाते हुए घंटों तक ऐसे ही मस्ती करते रहते हैं. इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें प्रत्येक पुरुष की शर्ट फाड़ कर तारों पर बांध दी जाती है. जमीन के काफी ऊपर एक रस्सी बंधी होती है. जिस पर फटे हुए… Continue reading Holi 2021: जानें, रंगीले राजस्थान में कहां-कैसे मनाते हैं होली, हर जगह है अलग परंपरा ……

Holi 2021 : मातम के बीच खुशियों का उत्साह, यहां चिता के राख से भोले के भक्त खेलते हैं होली..

New Delhi: भारत में होली 29 मार्च को खेली जाएगी. देश के अलग-अलग राज्यों में कई तरह की होली खेली जाती है. मथुरा-वृंदावन (Mathura-Vrindavan) की लठ्ठमार होली ( Lathmar Holi) देशभर में प्रसिद्ध है. इसी तरह देशभर में अलग-अलग तरह से होली खेली जाती है.  काशी ( kashi) में भी अलग ही तरह की होली खेली जाती है. शिव नगरी काशी में भोले के भक्त एकादशी से होली खेलना शुरु कर देते हैं. एकादशी के दिन भोले के भक्त अपने इष्ट के साथ महाशमशान घाट (GREAT CEMETRY) में चिता की राख के साथ होली खेलते हैं. इसके बाद से काशी में होली की शुरुआत हो जाती है. काशी को मोक्षदायिनी भी कहा गया है. मोक्षदायिनी काशी के महाशमशान के हरिशचंद्र घाट पर कभी चिता की आग ठंडी नहीं होती है. हरिशचंद्र घाट ( Harishchandra ghat)  पर शवों के आने का सिलसिला चलता रहता है. काशी के शमशान में चिता की राख के साथ  होली भी खेली जाती है. इसे भी पढ़ें- Relief: लगातार दूसरे दिन कम हुए पेट्रोल-डीजल के दाम, कोरोना के तीसरे लहर का है असर   इस अनोखी होली की मान्यता  एकादशी पर खेली जाने वाली इस अनोखी होली के पीछे एक मान्यता भी है.  ऐसा कहा जाता है कि… Continue reading Holi 2021 : मातम के बीच खुशियों का उत्साह, यहां चिता के राख से भोले के भक्त खेलते हैं होली..

Monday Special: भगवान शिव से जुड़े अनोखे तथ्य, आइये जानते हैं भगवान शिव की संतानों के बारे में…

सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा की लिए विशेष माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है. ऐसे तो भगवान शिव के अनेक नाम हैं, लेकिन महादेव के नाम से शिव पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं. आज हम बात करेंगे भगवान शिव की संतानों की. पुराणों में भगवान शिव की दो संतानों का उल्लेख किया गया है गणेश और कार्तिकेय. लेकिन इसके अलावे भी शंकर भगवान की 8 संतानें थी. शिव की अन्य संतानों के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं. शिव पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में इस बात का प्रमाण मिलता है कि भगवान शिव की और भी संतानें थी. आइये जानें, महादेव की 8 संतानों के बारे में….. भगवान गणेश भगवान गणेश माता पार्वती और शिवजी के पुत्र हैं. पुराणों में गणेश जी के जन्म से जुड़ी अनेक कथाएं मिलती हैं. गणेश जी के जन्म के बारे में कोई जानकारी कहीं नहीं मिलती है. मान्यता है कि यह एक रहस्य है. वहीं कुछ लोग ये मानते हैं कि गणेश जी का जन्म माता पार्वती के शरीर के मैल से हुआ था. भगवान कार्तिकेय हिन्दु धर्म के पौराणिक इतिहास का अपना एक अलग ही महत्व… Continue reading Monday Special: भगवान शिव से जुड़े अनोखे तथ्य, आइये जानते हैं भगवान शिव की संतानों के बारे में…

World Water Day 2021: जानें, खड़े होकर पानी पीने के क्या हैं नुकसान, किडनी तक हो सकती है खराब

New Delhi: पानी की उपयोगिता हमारे लिए क्या है ये तो सबको पता है. पानी के महत्व को समझने और इसके दुरूपयोग को रोकने के लिए विश्वभर में आज मतलब 22 मार्च को विश्व जल दिवस ( world water day) मनाया जाता है. इसकी शुरूआत 1992 में की गयी थी. जल के महत्व के बारे में तो हम स्कूलों में पढ़ने के दौरान ही सीखते आ रहे हैं. आज हम बात करेंगे पानी पीने के सही तरीके पर. इतना तो सबको पता है हमारे शरीर के लिए पानी कितना महत्वपूर्ण है.लेकिन देखा गया है कि जानकारी के अभाव में हम कई बार गलत तरीके से पानी पीते हैं जिसका हमारे शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. हमने अक्सर डॉक्टरों को ये बोलते सुना होगा कि हमें कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए. इसके साथ ही सुबह के समय खाली पेट में पानी पीने को भी काफी महत्व दिया जाता है. कई बार समय के अभाव में या आदतन भी हम खड़े होकर पानी पी लेते हैं. अक्सर ऐसा बोतलों से पानी पीने के दौरान होता है, जब हम खड़े-खड़े ही पानी के बोतल की ढक्कन खोलकर मुंह में बोतल को लगा लेते हैं. आइए समझें कि… Continue reading World Water Day 2021: जानें, खड़े होकर पानी पीने के क्या हैं नुकसान, किडनी तक हो सकती है खराब

National Bird : देवी देवताओं तक को प्रिय है मोर पंख, जानें घर पर कहां रखने से हो सकता है लाभ

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है. बारिश के समय में मोर को नाचते देखना काफी सुखद होता है. मोर के पंख को देख कर भी मन प्रसन्न हो जाता है. मोर पंख देखने में जितना खूबसूरत होता है उतना ही पवित्र भी माना जाता है. शास्त्रों में भी मोर के पंखों की जिक्र होता है. भगवान श्री कृष्ण को भी मोरपंख प्रिय था. यहीं कारण है कि कृष्ण अपने मस्तक पर इसे धारण किया करते थे. इसी तरह मोरपंख को भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को भी प्रिय है. भगवान कार्तिकेय का वाहन भी मोर है. माना जाता है कि सभी देवी-देवताओं को मोरपंख प्रिय है. मोर पंख देखने में जितना अच्छा लगता है उतना ही लाभकारी भी माना जाता है. घरों में भी मोरपंख को रखने का अपना ही महत्व है. मोरपंख से ग्रह दोष से लेकर वास्तु दोष जैसी सभी सम्स्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है. पूजा घर से लेकर बेडरूम तक में मोर पंख को रखने के कई अलग-अलग फायदे हैं. मोरपंख को घर में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है.आइये जानते हैं कि घर में मोरपंख रखने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं. घर में… Continue reading National Bird : देवी देवताओं तक को प्रिय है मोर पंख, जानें घर पर कहां रखने से हो सकता है लाभ

घरेलू गैस-सिलेंडर पर सब्सिडी 153.86 रुपये से बढ़ कर 291.48 रुपये  जानें, आपको कैसे मिलेगा लाभ

New Delhi:  महंगाई के इस दौर में बचत करना लगभग असंभव  हो गया है. घरेलु गैस सिलेंसर की कीमतें आसमान छू रही है. घरेलू गैस सिलेंसर की कीमतें रिकॉर्ड तोड़ रही है. नवंबर 2020 में  सिलेंसर के दाम 594 रूपये थे, जो अब 819  तक पहुंच गये हैं. लेकिन अगर आप महंगे सिलेंडर पर सब्सिडी लेते हैं तो आप करीब 300 रुपये तक बचा सकते हैं. बढ़ गई सब्सिडी की राशि फिलहाल सिलेंडर की सब्सिडी महज 10-20 रुपये ही रह गई है. लेकिन अब सरकार ने सब्सिडी राशि में बढ़ोतरी करते हुए घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी 153.86 रुपये से बढ़ कर 291.48 रुपये कर दी है. ये भी तब संभव होगा जब आपने उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन ले रखा है. अगर आपने उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन ले रखा है तो आपको 312.48 रुपये तक सब्सिडी मिल सकती है जो पहले 174.86 रुपये होती थी. इसे भी पढ़ें- फेसबुक ने स्मार्टफोन पर सुरक्षा कुंजी का विस्तार किया कैसे बचाए सब्सिडी के 300 रुपये अगर आप गैस सिलेंडर पर सब्सिडी लेना चाहते हैं तो आपको सब्सिडी वाले खाते को आधार कार्ड से लिंक कराना होगा. आधार कार्ड से लिंक होते ही आपके खाते में 300 रुपये सब्सिडी के आ जायेंगें.… Continue reading घरेलू गैस-सिलेंडर पर सब्सिडी 153.86 रुपये से बढ़ कर 291.48 रुपये जानें, आपको कैसे मिलेगा लाभ

WhatsApp के ये नये फीचर्स अगर नहीं किये यूज तो जल्दी करें….

ये जानकर अच्छा लगेगा कि आप WhatsApp का उपयोग मल्टीपल डिवाइस में भी कर सकते हैं. लंबे समय से मांग चल रही…

फाल्गुन के शनि अमावस्या का है महत्व,जानें पूजन विधि और शनि दोषों से मुक्त होने के उपाय

फाल्गुन की अमावस्या में इस बार अद्भुत संयोग बन रहा है. अमावस्या का वैसे ही बहुत महत्व होता है, लेकिन इस बार अमावस्या के दिन शनिवार होने से इसे और भी फल देने वाला माना जा रहा है. जानकारों की मानें तो आज के दिन कालसर्प, शनि की साढ़ेसाती समेत शनि संबंधी अनेक बाधाओं से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि शनिदेव को अमावस्या की महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. इस दिन शनि देव की पूजा करने वालो पर शनिदेव की असीम कृपा होती है और शनिदेव के दोषों से मुक्ति मिलती है. आइए जानें क्या है इस दिन की पूजन विधि. सुबह का पूजन शनि अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले उठकर शनिदेव का शुद्ध मन से ध्यान करना चाहिए. इसके बाद जल के पात्र में गुड़ और तिल जलाकर उसे पीपल के वृक्ष में अर्पित करना चाहिए. इसके साथ ही सरसों के तेल में दिया जलाना चाहिए.  इसके बाद अपनी मनोकामना को मन में बोलते हुए पीपल के वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करने से  मनोकामना पूर्ण होती है. शनि अमावस्या की विशेष पूजन विधि मान्यता है कि इस दिन  विशेष पूजन, स्नान, उपाय व उपवास से पितृगण को तृ्प्ति मिलती है. साथ ही शनि के… Continue reading फाल्गुन के शनि अमावस्या का है महत्व,जानें पूजन विधि और शनि दोषों से मुक्त होने के उपाय

शिवरात्रि पर राजस्थान के इन प्रमुख शिव मंदिरों के बारे में जरूर जानें

जयपुर। शिवरात्रि पर शिवभक्त अपने आराध्य भोले भंडारी की प्रसन्नता के लिए जप, तप, व्रत, ध्यान, भजन—कीर्तन जैसे उपाय करेंगे। ​यह दिन ही भक्तों के लिए खास है। इस दिन महादेव की विशेष मेहरबानी बरसती है। राजस्थान में सनातन धर्म के तीनों अंगों शैव, वैष्णव और शाक्त से संबद्ध लोग निवास करते हैं। यहां शक्ति के मंदिर भी खास हैं तो विष्णु अवतार कृष्ण के भी। हम शिवरात्रि पर बात कर रहे हैं कुछ खास शिव मंदिरों की। झारखंड महादेव मंदिर  राजधानी जयपुर में स्थित झारखंड महादेव मंदिर जो कि दक्षिण भारत के मंदिरों की खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। श्रद्धा में ही शक्ति है और जहां श्रद्धा होगी वहां भक्तों की भीड़ रहेगी ही। महादेव को देवों के देव कहा जाता है। दरअसल यह मंदिर काफी सघन और हरियाली वाले इलाके में स्थित है। इस मंदिर के चारों तरफ खूब हरियाली छाई हुई है। मंदिर के चारों ओर अनेक पेड़-पौधे लगे हुए हैं। यह मंदिर भक्तों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र बना रहता है। करीब एक सदी पहले 1918 में जब इस मंदिर का निर्माण हो रहा था तब यहां सिर्फ एक कमरा था। यहां जो शिवलिंग स्थित है वो एक कमरे में बंद था, वहीं पूजा की… Continue reading शिवरात्रि पर राजस्थान के इन प्रमुख शिव मंदिरों के बारे में जरूर जानें

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