ब्रसेल्स। फिनलैंड नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन, नाटो का नया सदस्य बन गया है। वह इस सैन्य गठजोड़ में शामिल होने वाला 31वां देश है। नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलनबर्ग ने मंगलवार को ऐलान किया कि फिनलैंड अब नाटो का सदस्य बन गया है। दूसरी तरफ, रूस को नाटो का विस्तार सख्त नागवार गुजरा है। उससे जारी बयान में कहा है- फिनलैंड को नाटो में शामिल करना एक तरह से रूस की सुरक्षा पर हमला है। हम इससे निपटेंगे। गौरतलब है कि नाटो में कथित तौर पर शामिल होने की खबरों को आधार बना कर ही रूस ने यूक्रेन पर हमला किया है। यह भी कहा जा रहा है कि बहुत जल्दी स्वीडन भी नाटो का हिस्सा बन जाएगा।
बहरहाल, स्टोलनबर्ग ने मीडिया से बातचीत में कहा- हमारे लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक होने जा रहा है। नाटो देश एक प्लेटफॉर्म पर आ रहे हैं। फिनलैंड हमारी नाटो फैमिली का नया मेंबर बन चुका है। बहुत जल्दी स्वीडन भी इसका हिस्सा बनेगा। स्टोलनबर्ग ने कहा- नाटो मुख्यालय पर पहली बार फिनलैंड का झंडा फहराया गया। अब उसकी सुरक्षा का जिम्मा नाटो देशों का होगा। फिनलैंड के राष्ट्रपति साउली निनीस्तो और रक्षा मंत्री एंत्ती काइकोनेन भी इस समारोह का हिस्सा बने।
फिनलैंड के नाटो में शामिल होने का रूस ने विरोध किया है। उसके उप प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर ग्रूस्को ने कहा- नाटो की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। हम भी अपने सिक्योरिटी सर्कल को बढ़ाने जा रहे हैं। अगर फिनलैंड में नाटो फोर्स तैनात होती है तो हम कुछ और कदम उठाएंगे।
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