मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने पद छोड़ने की पेशकश की है। कई तरह के विवादों में घिरे कोश्यारी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वे उन्हें सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दें। गौरतलब है कि पिछले दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए वे विवादों में घिरे थे। हालांकि बाद में उन्होंने उस पर सफाई भी दी थी।
कुछ दिन पहले महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टियों ने कोश्यारी पर कथित तौर पर पक्षपात करने का आरोप भी लगाया था। बहरहाल, राजभवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्यपाल कोश्यारी ने अपना शेष जीवन पढ़ने, लिखने और अन्य कामों में इत्मीनान से बिताने की इच्छा जताई है। कोश्यारी की ओर से बयान में कहा गया है- महाराष्ट्र जैसे महान राज्य- संतों, समाज सुधारकों और बहादुर सेनानियों की भूमि के राज्य सेवक या राज्यपाल के रूप में सेवा करना मेरे लिए पूर्ण सम्मान और सौभाग्य की बात थी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा था कि राज्यपाल बनने के बाद वे नाखुश हैं और उन्हें लगता है कि वे सही जगह पर नहीं हैं। कोश्यारी ने कहा था- मैं दुखी हूं, खुश नहीं हूं। उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी और सही जगह तभी महसूस होती है जब राजभवन में संन्यासी आते हैं। ध्यान रहे छत्रपति शिवाजी पर दिए बयान के बाद उनको हटाने की मांग उठी थी और शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट ने उनके खिलाफ प्रदर्शन का भी ऐलान किया था।
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