नई दिल्ली। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मई में एक मामले की सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी में कॉकरोच शब्द बोलने के मामले में पहली बार सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया है। गौरतलब है कि उनकी टिप्पणी में कहे गए कॉकरोच शब्द से उस समय अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक सोशल मीडिया अकाउंट शुरू किया था। बाद में यह एक आंदोलन नें तब्दील हो गया।
इसे लेकर सफाई देते हुए चीफ जस्टिस ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा, ‘मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। देश के युवाओं को भटकाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया’। उन्होंने कहा, ‘अदालती कार्यवाही का क्लिप वायरल किया गया। जो बात कही ही नहीं गई, उसे गलत तरीके से पेश किया जाता है’। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से जंतर मंतर पर आंदोलन शुरू किया था, जो 25 जुलाई को केंद्रीय़ शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था।
चीफ जस्टिस के बयान की टाइमिंग इस लिहाज से अहम है क्योंकि अभिजीत दीपके ने एक बार फिर जंतर मंतर पर आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत के 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान, फर्जी डिग्री वाले कुछ व्यक्तियों की तुलना कॉकरोच से की थी। इसके बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी बनाई।
बहरहाल, जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन इसका व्यावसायिक फायदा नहीं उठाया जाना चाहिए। न्यायपालिका में पारदर्शिता होनी चाहिए। इसलिए हमने सुप्रीम कोर्ट में लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की। लेकिन लाइव स्ट्रीमिंग का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए’। उन्होंने कहा, ‘खास तौर पर इसका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। लोग छोटे छोटे क्लिप अपने निजी फायदे और व्यावसायिक लाभ के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। यह बंद होना चाहिए’।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



