नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को सत्तापक्ष की ओर से राजनाथ सिंह और अमित शाह ने विपक्ष को समझाने की पहल की। राजनाथ सिंह ने तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय और डीएमके नेता टीआर बालू से बात की और उन्हें चर्चा में शामिल होने को कहा। इससे पहले भी शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्षी सांसदों से चर्चा में शामिल होने की अपील की थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद में चर्चा की अपील की और कहा- मैं इस विषय पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हूं। मैं विपक्ष से अनुरोध करता हूं कि इस मुद्दे पर चर्चा होने दें। यह महत्वपूर्ण है कि देश को इस संवेदनशील मामले पर सच्चाई पता चले। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आखिर विपक्ष इस मुद्दे पर बहस से भाग क्यों रहा है। अमित शाह गतिरोध खत्म कराने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मिले। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी भी मौजूद रहे।
संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी मौजूद थे। असल में सरकार चाहती है कि नियम 176 के तहत संसद में चर्चा हो। यह अल्पकालिक चर्चा का नियम है, जबकि सरकार चाहती है कि नियम 267 के तहत चर्चा हो। इस नियम के तहत चर्चा होने पर बाकी सारे काम स्थगित करके चर्चा जारी रह सकती है। विपक्ष यह भी चाहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में बयान दें।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


